ग्रेटर नोएडा/फेस वार्ता: शारदा यूनिवर्सिटी में आधुनिक बायोइन्फॉर्मेटिक्स और कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी के क्षेत्र में शिक्षकों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे अपने शोध और शिक्षण कार्य में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान डीएनए एवं प्रोटीन सीक्वेंस एनालिसिस, प्रोटीन स्ट्रक्चर स्टडी, मॉलेक्यूलर डॉकिंग, कंप्यूटर आधारित ड्रग डिस्कवरी, ओमिक्स टेक्नोलॉजी, सिस्टम्स बायोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को तेजी से विकसित हो रही वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ते हुए उनकी शोध क्षमता को नई दिशा देना है।
शारदा यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) सिबाराम खारा ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों और शोधार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं, जिससे वे भविष्य में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
वहीं, डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) भुवनेश कुमार ने कहा कि बायोइन्फॉर्मेटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जीवन विज्ञान के शोध की दिशा पूरी तरह बदल दी है। इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक शोध उपकरणों और डिजिटल तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने अकादमिक और शोध कार्य को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। उन्होंने इसे ज्ञान साझा करने, नवाचार को बढ़ावा देने और नए शोध सहयोग विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
यह कार्यक्रम शारदा यूनिवर्सिटी की शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और देशभर के शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को समझने और अपनाने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
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