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चमकी, एल्मो और ग्रोवर ने बच्चों को सिखाई भावनाओं की भाषा, ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ इमर्सिव थिएटर ने जीता दिल

नई दिल्ली/ फेस वार्ता:बच्चों के भावनात्मक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ इमर्सिव थिएटर अनुभव ने बच्चों और अभिभावकों का दिल जीत लिया। सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट और मेटलाइफ फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम में बच्चों ने खेल-खेल में सहानुभूति, दयालुता, सहयोग और भावनाओं को समझने की महत्वपूर्ण सीख हासिल की।
कार्यक्रम की खास आकर्षण रहे सेसमी स्ट्रीट के लोकप्रिय पात्र चमकी, एल्मो और ग्रोवर, जिन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए रोचक कहानियों, गतिविधियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से उन्हें अपनी भावनाओं को पहचानने और व्यक्त करने का तरीका सिखाया। बच्चों ने सीखा कि दूसरों की भावनाओं को समझना, मदद करना और मिलकर समस्याओं का समाधान करना जीवन के महत्वपूर्ण कौशल हैं। इस अवसर पर 100 से अधिक बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों, बाल विकास विशेषज्ञों और विभिन्न साझेदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों का भावनात्मक विकास केवल स्कूलों में नहीं, बल्कि परिवार, दोस्तों और समुदाय के साथ उनके दैनिक अनुभवों से भी मजबूत होता है।
सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी सोनाली खान ने कहा कि बच्चे अपने आसपास के लोगों के साथ रोजमर्रा के अनुभवों से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सीखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ पहल का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने और भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है।
यह पहल सेसमी वर्कशॉप के शोध-आधारित शैक्षणिक मॉडल पर आधारित है, जो बच्चों और उनके देखभालकर्ताओं में सामाजिक एवं भावनात्मक कौशल विकसित करने पर केंद्रित है। इसके तहत बच्चों को दूसरों की भावनाओं और अनुभवों को समझने के लिए प्रेरित किया जाता है, जबकि अभिभावकों को सकारात्मक और सहयोगी वातावरण तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।ऑनलाइन रिसोर्स हब की भी शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ पहल के अंतर्गत एक विशेष ऑनलाइन रिसोर्स हब भी लॉन्च किया गया। इस मंच पर अभिभावकों के लिए वीडियो, गतिविधियां और सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध ये संसाधन बच्चों और परिवारों को सहानुभूति, सहयोग, भावनाओं की अभिव्यक्ति और सकारात्मक रिश्तों को विकसित करने में मदद करेंगे।
40 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच
वर्ष 2006 से कार्यरत सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट बच्चों के सीखने, स्वास्थ्य, पोषण और भावनात्मक विकास के लिए भारतीय संदर्भों पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित कर रहा है। संस्था अब तक देशभर में 40 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुकी है और सरकारी शिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन 4 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रही है।
इस इमर्सिव थिएटर अनुभव ने यह साबित किया कि बच्चों की भावनात्मक भलाई को बढ़ावा देने के लिए संवाद, खेल और सकारात्मक अनुभव कितने प्रभावी माध्यम हो सकते हैं। ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ पहल बच्चों को ऐसा माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां वे स्वयं को समझा हुआ, जुड़ा हुआ और समर्थ महसूस कर सकें।

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