दिल्ली/ फेस वार्ता: काठमांडू (नेपाल)। नेपाल की राजधानी काठमांडू में 12 से 14 जून तक आयोजित International AYUSH Conclave 4.0 – Nepal Edition में उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक औषधि निर्माता संस्थान सत्यम् आयुर्वेदिक के संचालक प्रदीप उपाध्याय को आयुष क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए AYUSH Enterprise Award से सम्मानित किया गया।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन CIVIC (Council for Integrative Vaidya Innovation & Collaboration, India) तथा Nepal Chamber of Commerce (NCC Nepal) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। सम्मेलन में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के वैश्विक विस्तार और सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने कहा कि आयुष से जुड़े चिकित्सक, शोधकर्ता और उद्यमी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान कर रहे हैं, जिसके लिए वे बधाई और आभार के पात्र हैं।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि सुमन शेखर ने भारत-नेपाल संबंधों को सदैव मजबूत और सकारात्मक बताते हुए आयुष क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय आयुष उद्यमियों को नेपाल के साथ आयात-निर्यात गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।
सम्मेलन में Legends World Records, Dubai (UAE) के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने भी विशेष सहभागिता निभाई।
इस अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों सहित नेपाल, मलेशिया, कनाडा, यूएई, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए 254 आयुष चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, वेलनेस विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, औषधि निर्माताओं एवं उद्यमियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने आयुष की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ती ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमियों और मैन्युफैक्चरर्स को AYUSH Enterprise Award प्रदान किए गए। प्रदीप उपाध्याय को यह सम्मान नेपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, CIVIC के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा Legends World Records Dubai के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
यह सम्मान न केवल प्रदीप उपाध्याय की उपलब्धि है, बल्कि भारतीय आयुर्वेदिक उद्योग और हाथरस जनपद के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
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