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व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उद्योग जगत की समस्याओं पर मंथन, IBA ने सौंपा सुझाव-पत्र।


व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उद्योग जगत की समस्याओं और सुझावों पर हुई सार्थक चर्चा
राज्य कर विभाग और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच संवाद से कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी व उद्योग-अनुकूल बनाने पर जोर
गौतमबुद्धनगर/ फेस वार्ता: राज्य कर विभाग, गौतमबुद्ध नगर द्वारा आयोजित "व्यापारी संवाद कार्यक्रम" में उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों, व्यापारियों, जीएसटी प्रैक्टिशनर्स, अधिवक्ताओं, करदाताओं तथा विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की ओर से अपर आयुक्त राकेश वर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर योगेश कुमार विजय, ज्वाइंट कमिश्नर के.के. राय, ज्वाइंट कमिश्नर दिनेश पाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष अमित उपाध्याय के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, विकास कुमार राय, अनुपम जैन सहित अनेक उद्यमी सदस्य शामिल रहे।
IBA ने सौंपा विस्तृत सुझाव-पत्र
बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन ने राज्य कर विभाग को एक विस्तृत सुझाव-पत्र सौंपा। इसमें नोटिस एवं असेसमेंट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तथ्याधारित बनाने, ईमानदार करदाताओं के लिए भयमुक्त एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़ी समस्याओं के समाधान, जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने तथा उद्योगों के लिए समर्पित हेल्पडेस्क और नोडल अधिकारी नियुक्त करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
इसके अलावा फर्जी फर्मों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा उद्योग और विभाग के बीच नियमित संवाद तंत्र विकसित करने की मांग भी उठाई गई।
ई-वे बिल और वाहन डिटेंशन पर भी उठे सवाल
बैठक में ई-वे बिल प्रणाली में हाल ही में हुए बदलावों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई। उद्यमियों ने सुझाव दिया कि मामूली तकनीकी त्रुटियों या दस्तावेजी कमियों के कारण वाहनों को रोके जाने की घटनाओं को कम किया जाए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों और उद्योगों को अनावश्यक आर्थिक एवं समयगत नुकसान से बचाया जा सके।
अधिकारियों ने दिया सकारात्मक आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान नोटिस, असेसमेंट, आईटीसी, पंजीकरण और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा गया। विभागीय अधिकारियों ने सभी सुझावों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने तथा करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
उद्योग और विभाग के बीच विश्वास बढ़ाने की पहल
आईबीए के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि राज्य कर विभाग द्वारा उद्योग एवं व्यापार जगत के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की पहल स्वागतयोग्य है। इससे जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने और उनके समाधान का रास्ता निकलता है।
महासचिव सुनील दत्त शर्मा ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र है, जहां के उद्योग राज्य के राजस्व, निवेश और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विभाग से प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं उद्योग-अनुकूल बनाने की अपेक्षा जताई।
उद्योग-अनुकूल माहौल से बढ़ा निवेश
आईबीए अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने राज्य कर विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग के लिए सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और राज्य कर विभाग के बीच नियमित संवाद से कर अनुपालन, राजस्व वृद्धि और औद्योगिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।
सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। उपस्थित उद्यमियों, व्यापारियों और करदाताओं ने राज्य कर विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे उद्योग एवं विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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