लखनऊ/ फेस वार्ता:, 2 सितंबर 2026। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री महामेधा नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सात सूत्रीय प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर हुई इस मुलाकात में समाज के प्रतिनिधित्व, शिक्षा, रोजगार, युवा एवं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
महामेधा नागर ने मुख्यमंत्री को सौंपे प्रस्ताव में गुर्जर समाज के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में प्रतिनिधित्व, वीरांगना धौला गुर्जरी के नाम पर महिला पीएसी वाहिनी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छात्रावासों की स्थापना, युवाओं के लिए शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान और उच्च शिक्षण संस्थानों को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
सात सूत्रीय प्रस्ताव में क्या-क्या शामिल?
प्रस्ताव में अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में रिक्त पद पर गुर्जर समाज के योग्य एवं अनुभवी प्रतिनिधि की नियुक्ति की मांग की गई है।
इसके साथ ही वीरांगना धौला गुर्जरी के नाम पर महिला पीएसी वाहिनी के नामकरण का सुझाव दिया गया है। इसके लिए गाजियाबाद, बिजनौर या शामली को संभावित स्थान के रूप में विकसित करने की बात कही गई है।
महामेधा नागर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत कोतवाल धन सिंह गुर्जर और बिजौलिया किसान आंदोलन के नायक विजय सिंह पथिक जैसे राष्ट्रनायकों को औपचारिक सम्मान देने तथा उनके नाम पर स्मृति दिवस घोषित करने का भी प्रस्ताव रखा।
गौतम बुद्ध नगर और सहारनपुर में छात्रावास की मांग
प्रस्ताव में गौतम बुद्ध नगर और सहारनपुर में छात्रावासों की स्थापना की मांग भी शामिल है। इन छात्रावासों का नाम राजा नैन सिंह, जोगराज सिंह गुर्जर और प्रताप राव गुर्जर जैसे महापुरुषों के नाम पर रखने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर में एक शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें पूर्व सैनिकों के मार्गदर्शन में युवाओं को पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराने की योजना का सुझाव दिया गया है।
दो महाविद्यालयों को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की अनुशंसा
महामेधा नागर ने सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर महाविद्यालय और गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मिहिर भोज स्नातकोत्तर महाविद्यालय को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की अनुशंसा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
वहीं, गौतम बुद्ध नगर में पंचायत व्यवस्था की पुनर्समीक्षा कर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने का सुझाव दिया गया है।
युवा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान जेन-ज़ी पीढ़ी की आकांक्षाओं, महिला सशक्तिकरण और समाज कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। महामेधा नागर ने कहा कि उनके प्रस्तावों के केंद्र में युवा और महिलाएं हैं।
उनका कहना है कि छात्रावास और शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को शिक्षा और रोजगार की बेहतर संभावनाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकते हैं। वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार को नई दिशा मिल सकती है।
महिला पीएसी वाहिनी का नाम वीरांगना धौला गुर्जरी के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान और गौरव से जुड़ा कदम बताया।
“समाज की भावनाओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना मेरा दायित्व”
मुलाकात के बाद महामेधा नागर ने कहा कि गुर्जर समाज ने हमेशा राष्ट्रहित और राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ खड़े रहकर प्रदेश के विकास में योगदान दिया है। समाज की दीर्घकालिक अपेक्षाओं और भावनाओं को शासन तक पहुंचाना उनका दायित्व है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नारी शक्ति और युवा शक्ति को शासन की प्राथमिकताओं के केंद्र में स्थापित किया है। गुर्जर समाज की भावनाओं एवं अपेक्षाओं को उनके समक्ष रखना मेरे लिए गर्व का विषय है। मुझे विश्वास है कि इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार होगा।”
महामेधा नागर की पहचान
महामेधा नागर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व सचिव और भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश की प्रदेश मंत्री हैं। महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उनके सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन अभियान को भी व्यापक सराहना मिली है। युवा और महिला सशक्तिकरण उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं।
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