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असेन्सो टायर्स का बड़ा ऐलान: भारत में विशाल माइनिंग टायर निर्माण क्षमता के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश।

ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता: असेन्सो टायर्स का बड़ा ऐलान: भारत में विशाल माइनिंग टायर निर्माण क्षमता के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश
49-इंच तक के ऑल-स्टील रेडियल माइनिंग टायर भारत में होंगे तैयार, प्रमुख खनन क्षेत्रों में तैनात होंगे फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर्स
मुंबई, अगस्त 2026। भारत के तेजी से विस्तार करते खनन क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए असेन्सो टायर्स ने देश में विशाल माइनिंग टायरों की निर्माण क्षमता विकसित करने के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी ने अपने भारत-निर्मित ऑल-स्टील रेडियल ऑफ-द-रोड (ROTR) टायर पोर्टफोलियो को 49-इंच के विशाल माइनिंग टायरों तक विस्तार देने की घोषणा की है।
कंपनी के अनुसार, यह निवेश भारत में विश्वस्तरीय ऑल-स्टील रेडियल टायर निर्माण क्षमता विकसित करने, उन्नत उत्पादन तकनीक, उत्पाद विकास एवं परीक्षण सुविधाओं, इंजीनियरिंग प्रतिभा तथा भविष्य की क्षमता विस्तार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत में खनन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों के लिए भी अत्याधुनिक टायर तैयार करना है।
25-इंच से 49-इंच तक पहुंचा माइनिंग टायर पोर्टफोलियो
असेन्सो ने अपने माइनिंग टायर पोर्टफोलियो की शुरुआत 25-इंच टायरों से की थी। अब कंपनी ने इसे 49-इंच के विशाल माइनिंग टायरों तक विस्तार दिया है, जबकि इससे भी बड़े आकार के टायर विकास के चरण में हैं। कंपनी का दावा है कि इससे वह निर्माण, क्वारिंग और बड़े खुले गड्ढे वाले खनन परिचालनों सहित विभिन्न अनुप्रयोगों की जरूरतों को पूरा कर सकेगी।
असेन्सो के मुताबिक, इन-हाउस डिजाइन और विकास क्षमता के साथ विशाल OTR टायरों के निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने वाला वह भारत का दूसरा टायर ब्रांड और चीन के बाहर विश्व स्तर पर पांचवां ब्रांड है।
आयातित टायरों के विकल्प के रूप में घरेलू निर्माण पर जोर
भारत में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और चूना पत्थर के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों के खनन का विस्तार हो रहा है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख खनन क्षेत्रों में ऑपरेटर उत्पादकता बढ़ाने, मशीनों का अपटाइम बेहतर करने और परिचालन लागत घटाने पर जोर दे रहे हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए असेन्सो अपनी रेडियल OTR रणनीति को ‘प्रतिस्पर्धी कीमत पर प्रीमियम प्रदर्शन’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ा रहा है। कंपनी के अनुसार, उसके रेडियल OTR टायरों को डिजाइन, इंजीनियरिंग और परीक्षण के दौरान स्थापित वैश्विक प्रीमियम ब्रांडों के मुकाबले बेंचमार्क किया जा रहा है।
कंपनी का लक्ष्य भारतीय खनन ऑपरेटरों को ऐसा घरेलू विकल्प उपलब्ध कराना है, जो प्रदर्शन के स्तर पर वैश्विक ब्रांडों के करीब हो और साथ ही प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध हो।
प्रमुख खनन क्षेत्रों में तैनात होंगे फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर्स
असेन्सो ने ग्राहक-केंद्रित इंजीनियरिंग क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत सहित दुनिया के प्रमुख खनन बाजारों में 15 से अधिक समर्पित फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर्स तैनात करने की योजना बनाई है।
ये इंजीनियर सीधे खदान संचालकों के साथ काम करेंगे और टायरों के प्रदर्शन, घिसाव, परिचालन परिस्थितियों तथा वास्तविक फील्ड डेटा का अध्ययन करेंगे। इस डेटा को कंपनी के वैश्विक R&D संगठन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे भविष्य के टायरों के डिजाइन और तकनीक को वास्तविक खनन परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
2027 और 2028 तक का तैयार किया गया तकनीकी रोडमैप
कंपनी के अनुसार, उसकी रेडियल OTR यात्रा 2023 के अंत में शुरू हुई थी। ग्राहकों के साथ बातचीत के दौरान उच्च प्रदर्शन वाले रेडियल माइनिंग टायरों की बढ़ती मांग सामने आने के बाद कंपनी ने अनुभवी OTR इंजीनियरों, एप्लीकेशन विशेषज्ञों और R&D पेशेवरों की विशेष टीम तैयार की।
इसके बाद असेन्सो ने कई रेडियल OTR उत्पादों का व्यवसायीकरण किया है। कंपनी ने 2027 और 2028 तक का बहु-वर्षीय रोडमैप भी तैयार किया है, जिसमें माइनिंग, अर्थमूविंग और लोडर अनुप्रयोगों के लिए नए आकार, ट्रेड पैटर्न और बड़े व्हील डायमीटर शामिल किए जाएंगे।
भारत में भारत के साथ-साथ दुनिया के लिए क्षमता तैयार करना हमारा लक्ष्य’
असेन्सो टायर्स के प्रबंध निदेशक योगेश महानसारिया ने कहा कि भारत का खनन क्षेत्र बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है और इसके लिए ऐसे टायरों की जरूरत है जो इस महत्वाकांक्षा के अनुरूप प्रदर्शन दे सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी का 100 मिलियन डॉलर का निवेश केवल क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि भारत में विश्वस्तरीय रेडियल माइनिंग टायर इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता विकसित करने के लिए है।
उन्होंने कहा कि कंपनी चाहती है कि भारतीय खनन ऑपरेटरों को वैश्विक मानक के प्रदर्शन वाले टायरों के लिए विदेशों पर निर्भर न रहना पड़े और असेन्सो केवल कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि प्रदर्शन के आधार पर प्रतिस्पर्धा करे।
‘49-इंच के विशाल टायरों तक पहुंचना महत्वपूर्ण मील का पत्थर’
असेन्सो टायर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धवल नानावटी ने कहा कि कृषि, वानिकी और निर्माण क्षेत्रों में कंपनी के अनुभव ने उसे जमीन पर ग्राहकों के करीब रहकर काम करने का महत्व सिखाया है और यही दृष्टिकोण अब खनन क्षेत्र में अपनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि झारखंड और ओडिशा के कोयला क्षेत्रों से लेकर छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के लौह अयस्क क्षेत्रों तक प्रमुख खनन क्षेत्रों में फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर्स को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में इंजीनियर किए गए 49-इंच के विशाल माइनिंग टायरों तक पहुंचना असेन्सो के साथ-साथ भारतीय विनिर्माण क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कंपनी के अनुसार, रेडियल OTR क्षेत्र में यह विस्तार भारत के खनन उद्योग के लिए घरेलू स्तर पर उच्च प्रदर्शन वाले टायर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। असेन्सो ने इसे भारत और वैश्विक खनन बाजार के लिए अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की शुरुआत बताया है।

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