ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता:शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ शिक्षाविद्, साहित्यकार एवं समाजसेवी भगवत प्रसाद शर्मा को नेशनल एजुकेशन फ़ोरम (NEF) द्वारा “भारत रत्न गौरव अवार्ड-2026” से सम्मानित किया गया है।कोलकाता स्थित ताज सिटी सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया, जहां देशभर से शिक्षाविद्, साहित्यकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
1996 की ईमानदारी बनी पहचान की नींव
भगवत प्रसाद शर्मा की जीवन यात्रा केवल उपलब्धियों की कहानी नहीं, बल्कि सत्यनिष्ठा और भारतीय संस्कारों की मिसाल भी है। वर्ष 1996 में दक्षिण कोरिया की डेवू मोटर्स में कार्यरत रहने के दौरान उन्हें अमेरिकी डॉलर से भरा एक पर्स मिला। परिस्थितियां चाहतीं तो वे उसे अपने पास रख सकते थे, लेकिन उन्होंने बिना किसी लालच के वह पर्स कंपनी प्रबंधन को सौंप दिया।
उनकी इस ईमानदारी से प्रभावित होकर कंपनी ने उन्हें “ऑनेस्टी अवार्ड” से सम्मानित किया। उस अवसर पर कंपनी के चेयरमैन ने कहा था—
“India is Great, Mr. Bhagwat Prasad Sharma, You are also Great.”
यह घटना न केवल उनकी व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा का प्रमाण बनी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय मूल्यों और संस्कारों की प्रतिष्ठा का भी उदाहरण बनी।
शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा में सक्रिय योगदान
भगवत प्रसाद शर्मा लंबे समय से शिक्षा, साहित्य, मीडिया और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी लेखनी में राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का समावेश दिखाई देता है।
उन्होंने वीर शहीदों, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक जागरण जैसे विषयों पर अनेक कविताएं एवं लेख लिखे हैं, जो विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। उनकी रचनाओं की विशेषता यह है कि उनमें केवल विचार नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संदेश भी दिखाई देता है।
पत्रकारिता में निष्पक्षता और जनसरोकार
पत्रकारिता के क्षेत्र में भी भगवत प्रसाद शर्मा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने सदैव जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता दी और आम नागरिकों की समस्याओं तथा आवाज़ को मंच प्रदान करने का प्रयास किया।
ऐसे समय में जब पत्रकारिता अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि सिद्धांत आधारित और जनहित केंद्रित पत्रकारिता आज भी संभव है तथा प्रभावी भी।
राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए सम्मान
“राइजिंग इंडिया लीडरशिप अवार्ड-2026” के अंतर्गत प्रदान किया गया यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को समर्पित है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
नेशनल एजुकेशन फ़ोरम के अनुसार, भगवत प्रसाद शर्मा की ईमानदारी, सामाजिक प्रतिबद्धता और बहुआयामी सेवाएं उन्हें इस सम्मान का पात्र बनाती हैं। यह सम्मान उनके व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों—शिक्षक, लेखक, पत्रकार और समाजसेवी—को एक साथ मान्यता देता है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
भगवत प्रसाद शर्मा का जीवन यह संदेश देता है कि सफलता का वास्तविक आधार सत्य, नैतिकता और समाज के प्रति संवेदनशीलता है। उनकी जीवन यात्रा और रचनात्मक योगदान नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।
आज जब समाज तेजी से प्रतिस्पर्धा और भौतिक उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है, तब उनका व्यक्तित्व यह सिद्ध करता है कि स्थायी सम्मान और पहचान केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, सिद्धांतों और मूल्यों से प्राप्त होती है।
वर्ष 1996 की उनकी ईमानदारी की घटना यह साबित करती है कि जीवन में लिया गया एक सही निर्णय वर्षों बाद भी व्यक्ति की पहचान का सबसे मजबूत आधार बन सकता है। यही कारण है कि भगवत प्रसाद शर्मा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उस विचारधारा की जीत है जो सत्यनिष्ठा, संस्कार और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानती है।
संपादकीय टिप्पणी: यह लेख प्रेरक व्यक्तित्व-कथा (Human Interest Feature) के रूप में तैयार किया गया है। यदि इसे समाचार पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित करना हो, तो मैं इसके लिए आकर्षक हेडलाइन, सब-हेडलाइन, SEO शीर्षक और मेटा डिस्क्रिप्शन भी तैयार कर सकता हूँ।
मुलाकात के दौरान भगवत शर्मा ने खुद इस बात की जानकारी दी है
एक टिप्पणी भेजें