दादरी, फेस वार्ता/ भारत भूषण: गौतमबुद्धनगर में मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत चल रहे ग्राम चौपालों के अंतिम चरण में दादरी विधानसभा क्षेत्र की नई बस्ती ग्राम पंचायत में एक विशाल ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्म सिंह जीनवाल ने की एवं संयोजक अजब सिंह रहे। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर एवं युवा उपस्थित रहे। ग्राम चौपाल में सर्वप्रथम महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया इसके उपरांत चौपाल को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा जैसी गरीबों की जीवन रेखा योजना को भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है। बजट में कटौती, समय पर मजदूरी का भुगतान न होना, काम के दिनों में लगातार कमी ये सब इस बात का प्रमाण हैं कि मोदी सरकार को न तो गरीब की परवाह है और न ही ग्रामीण भारत की चिंता। दीपक भाटी चोटीवाला ने बताया कि 12 जनवरी से विधानसभा-वार शुरू की गई मनरेगा बचाओ ग्राम चौपालों की श्रृंखला के अंतर्गत अब तक 22 ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें ग्रामीणों को यह समझाया गया कि किस प्रकार मोदी सरकार मनरेगा जैसी रीढ़ योजना को नेस्तनाबूद करने पर तुली हुई है, ताकि मजदूर अपने हक से वंचित हो जाए और गांवों से पलायन बढ़े। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर भाजपा सरकार आत्मनिर्भर भारत का ढोल पीटती है, वहीं दूसरी ओर गरीब मजदूर से उसका सबसे बड़ा सहारा छीनने में लगी है। यह आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि गरीब को असहाय बनाने की साजिश है। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम अब केवल ग्राम चौपालों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि
25 फरवरी तक जिला स्तरीय घेराव-प्रदर्शन, रैलियों एवं आंदोलन के माध्यम से इसे एक राष्ट्रीय जन आंदोलन के रूप में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष और तेज करेगी।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि महीनों-महीनों मजदूरी नहीं मिलती, काम की मांग करने पर आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है।
अंत में दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब, मजदूर और किसान की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम भाजपा की जनविरोधी सोच के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष है।अजय चौधरी, धर्म सिंह जीनवाल, अजब सिंह, दुष्यंत नागर, कृष्ण पाल, मुकेश शर्मा, महेंद्र प्रधान, अशोक पंडित, देवी शरण प्रधान, महाराज सिंह, सतवीर प्रधान, धर्मवीर प्रधान, आर पी सिंह, जगदीश प्रधान, बिन्नू भाटी, धीरा सिंह, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, किशन पाल सिंह, पुनीत कुमार मावी, दयानंद नागर, तेजपाल सिंह, सुबोध भट्ट, गंगाराम, सचिन जीनवाल, महेश, गजन सिंह प्रधान, डाल चन्द्र, ओमकार राणा, बलवीर, अमित, महेंद्र मास्टर , मेहर सिंह जीनवाल, बाबूराम भाटी आदि मनरेगा कामगार और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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