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लंका पर चढ़ाई से गूंजा रामलीला मैदान, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के मंचन ने बांधा समां

ग्रेटर  नोएडा/ फेस वार्ता: श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा द्वारा साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित विजय महोत्सव 2026 के अंतर्गत लीला का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने बताया कि आज के कार्यक्रम के मुख्यतिथि
श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडाकार्यक्रम के मुख्यतिथि डाक्टर महेश शर्मा भाजपा सांसद लोक सभा गौतमबुद्ध नगर व प्रणीत भाटी महामंत्री पिछड़ा मोर्चा भाजपा उत्तर प्रदेश ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और दर्शकों को सम्बोधित किया सासंद ने रामलीला कमेटी द्वारा पिछले 21 वर्षों से रामलीला मंचन करने पर कमेटी को शुभकामनाएं दी और कहा सनातन धर्म को मजबूत करने के लिये इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए भगवान श्री राम के आदर्शो पर चलकर कुरुतियों को बुरी आदतों को छोड़ सत्य मार्ग पर चलकर अपने जीवन को अच्छे कार्यो में लगाने का प्रयास करें 
इस अवसर पर आशुतोष गुप्ता (एसडीएम सदर) , पवन खटाना राष्ट्रीय महामंत्री भारतीय किसान यूनियन टीकेत ,राजीव मलिक , डाक्टर सीतला प्रसाद पूर्व महानिदेशक भारत सरकार , प्रायोजक विकास गर्ग ( विक्की ), मनवीर भाटी गौरव गोयल , एन सी शर्मा 
आर के सिंह,जितेन्द्र चौहान करमवीर मंडार एव अन्य गणमान्य लोगों ने भगवान श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण किया तत्पश्चात को प्रारम्भ हुआ
 कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सोविन्द्र भाटी , के पी कसाना , जगवीर दोल्ला अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष , एव शंशाक भाटी प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रायोजक राकेश अग्रवाल आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला मंचन की शुरुआत की। मुख्य अतिथि एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया, जिसके उपरांत लीला मंचन का शुभारंभ हुआ।
महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया आज की लीला में विभीषण आगमन, सेतु बंधन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के प्रसंगों का मंचन हुआ। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया। युद्ध के रोमांचक दृश्यों और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचे, जिसके बाद वानर सेना ने समुद्र पर सेतु बनाकर लंका की ओर प्रस्थान किया। अंगद के समझाने पर भी रावण नहीं माना। इसके बाद लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के मंचन ने दर्शकों को धर्म और अधर्म के संघर्ष का संदेश दिया।

संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि रामलीला के प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, विभीषण की सत्यनिष्ठा और रामसेना के साहस को दर्शाया गया। इन प्रसंगों ने दर्शकों को संदेश दिया कि अहंकार और अधर्म का मार्ग अंततः विनाश की ओर ले जाता है, जबकि सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है।

मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया 20 अक्टूबर को होने वाली रामलीला में मेघनाथ वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों में भगवान श्रीराम की सेना और राक्षस सेना के बीच युद्ध के निर्णायक दृश्यों को प्रस्तुत किया जाएगा। मेघनाथ और अहिरावण वध के साथ रावण के अंत का प्रसंग दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगा दशहरे के अवसर पर बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा और बताया कि 20 अक्टूबर को रात 9 बजे 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी इस सुंदर लीला को देखने के लिए सभी छैत्रवासी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे पहले आओ पहले सिट पाओ 
इस अवसर पर अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल, मीडिया प्रभारी विनोद कसाना, ओमप्रकाश अग्रवाल धर्मपाल भाटी, हरेन्द्र भाटी, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, अनुज उपाध्याय, अतुल जैन, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग दीपक विकास आर्य, रिंकू आर्य, प्रमोद मास्टर आदि सदस्य उपस्थित रहे।


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