महर्षि वाल्मीकि जयंती पर जीडी गोयंका स्कूल में विशेष प्रार्थना सभा, विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति से दिया नैतिकता का संदेश
ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता। स्वर्ण नगरी स्थित जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल में 28 अक्टूबर 2026 को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कक्षा सातवीं ‘अ’ के विद्यार्थियों ने विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महर्षि वाल्मीकि के प्रेरणादायी जीवन, उनके साहित्यिक योगदान और रामायण में निहित आदर्शों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों के एकत्रीकरण और स्वागत संबोधन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन परिचय, उनके व्यक्तित्व और भारतीय साहित्य में उनके अतुलनीय योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने रामायण की महत्ता और उसमें वर्णित जीवन मूल्यों को समझने का प्रयास किया।
नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से दिया प्रेरणादायी संदेश
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से उनके जीवन में आए परिवर्तन, ज्ञान की महत्ता, तपस्या और सदाचार जैसे विषयों को प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि ज्ञान, आत्मचिंतन और सकारात्मक प्रयासों से जीवन में परिवर्तन लाया जा सकता है।
इसके पश्चात कक्षा के विद्यार्थियों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने कार्यक्रम में उत्साह और आकर्षण का रंग भर दिया। विद्यार्थियों की सहभागिता और प्रस्तुतियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन एवं विचारों को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा
विशेष प्रार्थना सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को सत्य, करुणा, सदाचार और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम ने उन्हें महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के नैतिक, सांस्कृतिक और व्यक्तित्व विकास में भारतीय साहित्य एवं महापुरुषों के जीवन से मिलने वाली सीख के महत्व को रेखांकित किया।
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