ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता। शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘ओरिएंटेशन एवं स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, पाठ्यक्रम, सुविधाओं, नियमों तथा दंत चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना रहा, ताकि वे अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक सफर की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. हेमंत सावने ने अतिथियों एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक परंपराओं, उपलब्ध सुविधाओं तथा दंत चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, नियमित अध्ययन और व्यावहारिक ज्ञान को अपनी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, पाठ्यक्रम, नियमों, विभिन्न सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराया गया। साथ ही, दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं और आधुनिक तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि अरिंदम मोदक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अनुशासन और निरंतर सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सफल दंत चिकित्सक बनने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता, पेशेवर नैतिकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती चिकित्सा तकनीकों के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.पी. अग्रवाल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए नवीनतम तकनीकों से जुड़ने और अपने शैक्षणिक जीवन में उत्कृष्टता हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखना और स्वयं को नई तकनीकों एवं ज्ञान से अपडेट रखना सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहते हुए ज्ञान, कौशल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता, डॉ. निरुपमा गुप्ता, डीन स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज, डॉ. पल्लवी शर्मा, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. राधिका गुप्ता, डॉ. रोहित शर्मा, डॉ. रिचा मिश्रा, डायरेक्टर पीआर डॉ. अजित कुमार सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक, शिक्षक, स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं पेशेवर वातावरण से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।
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