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निपुण भारत प्रशिक्षण में चला POCSO जागरूकता अभियान, वेदिका फाउंडेशन ने शिक्षकों को किया जागरूक-


जेवर, फेस वार्ता: गौतमबुद्धनगर:
गौतम बुद्ध नगर के जेवर ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे पाँच दिवसीय ब्लॉक स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वेदिका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. सपना आर्या एवं उनकी टीम द्वारा शिक्षकों के लिए विशेष POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का समन्वय एआरपी समन्वयक श्रीमती अर्चना शिरोमणि द्वारा किया गया।
क्या है POCSO और क्यों है जरूरी?
डॉ. सपना आर्या ने बताया कि आज के समय में शिक्षकों का दायित्व सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना भी है। उन्होंने शिक्षकों को विस्तार से बताया कि POCSO अधिनियम 2012 क्या है, इसमें शिक्षक की क्या भूमिका है, गुड टच और बैड टच में अंतर कैसे बच्चों को समझाएं, यदि कोई बच्चा किसी असहज घटना के बारे में बताता है तो शिक्षक को क्या करना चाहिए, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी और विद्यालय को बाल-सुरक्षित (Child Friendly) कैसे बनाया जाए।
एआरपी समन्वयक ने की सराहना
कार्यक्रम की समन्वयक श्रीमती अर्चना शिरोमणि ने कहा, "बच्चों की सुरक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि शिक्षकों की जागरूकता और संवेदनशीलता से सुनिश्चित होती है। निपुण भारत का लक्ष्य सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। वेदिका फाउंडेशन का यह सत्र हमारे शिक्षकों को इस दिशा में और अधिक सशक्त बनाएगा।"
शिक्षकों ने लिया संकल्प:प्रशिक्षण में मौजूद शिक्षकों/शिक्षामित्रों ने इस पहल की सराहना की और अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का संकल्प लिया। यह पाँच दिवसीय प्रशिक्षण 24 से 31 अगस्त 2026 तक चला, जिसमें जेवर ब्लॉक के सैकड़ों प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संदर्भदाता के रूप में सतपाल सिंह भाटी (ARP), ह्रदेश शर्मा (ARP), श्रीमती अर्चना शिरोमणि (ARP), मुनेश चौधरी (KRP) एवं श्रीमती सारिका गोयल (स.अ.) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।वेदिका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. सपना आर्या ने बताया कि उनकी संस्था का मुख्य नारा "Empowering Teachers to Protect Children" है और संस्था लगातार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों को बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है।

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