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हिमालय विरासत नहीं, हमारी जिम्मेदारी है': प्रदीप सांगवान

ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता: प्रकृति का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखना चाहिए। इसी संदेश के साथ प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, पर्वतारोही एवं “हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन” के संस्थापक “प्रदीप सांगवान” ने जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में आयोजित “उड़ान-2026” इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का मंत्र दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और संस्थान के निदेशक डॉ. सपना राकेश ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में डॉ. राकेश ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है और यह हम सभी के जागरूक होने पर ही संभव है। सांगवान जी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन के कार्यों का उल्लेख किए जाने को अपने अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव माना। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए श्री प्रदीप सांगवान ने कहा कि *"पहाड़ हमारी विरासत नहीं, हमारी जिम्मेदारी हैं।" उन्होंने कहा कि आज हिमालय केवल प्राकृतिक बदलावों से नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही से भी जूझ रहा है। धार्मिक और साहसिक पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ वहां कचरे का संकट भी तेजी से बढ़ा है। प्रदीप सांगवान ने कहा कि "हम केवल लोगों का छोड़ा हुआ कचरा नहीं उठाते, बल्कि उनकी नकारात्मक सोच भी बदलने का प्रयास करते हैं।"* उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जहां भी जाएं, वहां प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का संकल्प लें। 
इस अवसर पर जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने कहा: "पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी नई पीढ़ी की सोच और संस्कार का हिस्सा होना चाहिए। जीएल बजाज हमेशा ऐसे प्रयासों के साथ खड़ा है जो देश और समाज के भविष्य को बेहतर बनाएं। प्रदीप सांगवान जी और हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन के साथ यह सहयोग हमारे छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
कार्यक्रम के दौरान जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च तथा “हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन” के बीच पर्यावरण संरक्षण, शोध, छात्र सहभागिता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “समझौता ज्ञापन (एमओयू)” पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थाएं भविष्य में संयुक्त शोध परियोजनाओं, स्वच्छता अभियानों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करेंगी।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक, प्राध्यापक , प्रशासनिक अधिकारी एवं पीजीडीएम बैच 2026-28 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया ।

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