विद्यार्थियों ने पेश किए स्मार्ट सिटी के अभिनव विचार, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
ग्रेटर नोएडा फेस वार्ता , 15 सितंबर 2026। एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर्स डे के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष वर्कशॉप एवं प्रेजेंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय Artificial Intelligence (AI), Research & Innovation और Smart Cities रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने AI तकनीक के माध्यम से भविष्य के शहरों को स्मार्ट, सुरक्षित, टिकाऊ, स्वच्छ और नागरिक-केंद्रित बनाने से जुड़े अपने अभिनव विचार एवं प्रोजेक्ट कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में करीब 250 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने AI के विभिन्न उपयोगों को स्मार्ट सिटी की अवधारणा से जोड़ते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट सिक्योरिटी, ऊर्जा प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली तथा शहरी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, विद्युतीकरण और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी अपने मॉडल और प्रस्तुतियां साझा कीं।
इंजीनियर राष्ट्र निर्माण के प्रमुख आधार : डॉ. सुनील मिश्रा
इस अवसर पर एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर किसी भी विकसित राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख आधार होते हैं। Research और Innovation केवल तकनीकी विकास के साधन नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति के लिए आवश्यक आधार हैं।
उन्होंने भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M. Visvesvaraya) के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में इंजीनियरिंग, तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। इंजीनियरिंग एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है।
विकसित भारत के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण
विभागाध्यक्ष डॉ. एस.एल. राजपूत ने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश को नई तकनीकों, स्वदेशी समाधानों और नवाचार की आवश्यकता है। इंजीनियरों को केवल नौकरी की तलाश करने वाले पेशेवरों के रूप में नहीं, बल्कि समस्या समाधानकर्ता, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले professionals के रूप में आगे आना होगा।
डीन इंजीनियरिंग डॉ. अभिषेक सक्सेना ने विद्यार्थियों को Artificial Intelligence के Research & Development में बढ़ते महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि AI आने वाले समय में अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विद्यार्थियों को AI को केवल career skill के रूप में नहीं, बल्कि नई खोज, अनुसंधान और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के माध्यम के रूप में अपनाना चाहिए।
कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन त्यागी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास की समस्याओं को पहचानें और तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर उनके व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करें।
स्मार्ट सिटी अभियान में नई पीढ़ी के इंजीनियरों की भूमिका
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि भारत में 100 स्मार्ट सिटी के निर्माण को लेकर सरकार विगत कई वर्षों से प्रयासरत है। ऐसे में नई पीढ़ी के इंजीनियर इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। संस्थान को विश्वास है कि एक्यूरेट के भावी इंजीनियर अपनी तकनीकी प्रतिभा, शोध और नवाचार के माध्यम से स्मार्ट सिटी निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान देंगे तथा संस्थान और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।
पूनम शर्मा ने दी इंजीनियर्स डे की शुभकामनाएं
एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की चेयरपर्सन सुश्री पूनम शर्मा ने सभी इंजीनियरों एवं इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को इंजीनियर्स डे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को Research, Innovation और नई तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज के युवा इंजीनियर देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर ऐसे समाधान विकसित करने चाहिए, जो समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान दे सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और शोध के प्रति जिज्ञासु बने रहने का संदेश दिया।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र
वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने AI आधारित विचारों और स्मार्ट सिटी से जुड़े प्रोजेक्ट कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ, प्रस्तुति कौशल और समस्या समाधान की क्षमता के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान का उद्देश्य विद्यार्थियों में Innovation, Research, Creativity और Technology-driven Problem Solving के प्रति उत्साह को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि इंजीनियरिंग केवल पाठ्यक्रम और डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य ज्ञान को नवाचार और नवाचार को समाज के लिए उपयोगी समाधान में बदलना है।
इस अवसर पर प्रोफेसर ज़ैदी, प्रोफेसर तरुण सहित अन्य प्रोफेसरों ने भी प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का संदेश रहा— “Research से ज्ञान, Innovation से समाधान और Technology से राष्ट्र निर्माण।”
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