ग्रेटर नोएडा, फेस वार्ता:
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2026 के तहत 17 एवं 18 सितंबर को दो दिवसीय आंतरिक हैकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए नवाचार एवं तकनीक आधारित समाधान विकसित करने और उन्हें प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन देशव्यापी स्तर पर विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करने वाली प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक समस्या-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों से जोड़ना है।
दो दिवसीय आंतरिक हैकाथॉन में 142 टीमों के 852 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक टीम में छह विद्यार्थी शामिल थे, जिनमें कम से कम एक छात्रा का होना निर्धारित एसआईएच टीम-गठन मानदंडों के अनुरूप अनिवार्य था। प्रतिभागी टीमों ने एसआईएच-2026 के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न समस्या वक्तव्यों पर आधारित अपने नवाचार एवं तकनीक-आधारित समाधान प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान गठित मूल्यांकन पैनल में रजत मिश्रा, निदेशक, इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, नोएडा; अक्षय कुमार सिंह, टेक लीड, AIC IIT दिल्ली; तथा कृष्णा टेकेले, स्टार्टअप लीड, AIC IIT दिल्ली शामिल रहे। मूल्यांकनकर्ताओं ने टीमों के प्रस्तावित समाधानों का आकलन नवाचार, व्यवहार्यता, प्रासंगिकता, तकनीकी दृष्टिकोण और संभावित प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया।मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद कुल 48 टीमों को आगे की Smart India Hackathon 2026 चयन प्रक्रिया के लिए चिन्हित किया गया। इनमें 45 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जबकि 3 टीमों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया।दो दिवसीय आंतरिक हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने और तकनीक के माध्यम से सामाजिक एवं राष्ट्रीय आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने का मंच प्रदान किया। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज का यह आयोजन संस्थान की ओर से नवाचार, उद्यमिता, समस्या-समाधान और तकनीक-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच विकसित करने, वास्तविक समस्याओं की पहचान करने तथा समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी समाधान तैयार करने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।
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