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मज़बूत परिवार, सुरक्षित समाज: शारदा यूनिवर्सिटी और पुलिस कमिश्नरेट ने FDRC की छठी वर्षगांठ मनाई।

ग्रेटर नोएडा, फेस वार्ता: 18 सितंबर 2026 शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के सहयोग से शारदा यूनिवर्सिटी में फैमिली डिस्प्यूट रिज़ॉल्यूशन क्लिनिक (FDRC) की छठी वर्षगांठ के अवसर पर वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया। “सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए मज़बूत परिवार” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 350 से अधिक छात्र, कानूनी विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी, काउंसलर और शिक्षाविद शामिल हुए। सभी ने परिवार कल्याण, सुलभ न्याय और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम की शुरुआत थाना नॉलेज पार्क में उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इसके बाद शारदा यूनिवर्सिटी के चाणक्य ऑडिटोरियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान मुख्य अतिथि और गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर सुश्री लक्ष्मी सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
पारिवारिक विवादों के समाधान में सहानुभूति और धैर्य जरूरी: लक्ष्मी सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर सुश्री लक्ष्मी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 26 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने महसूस किया है कि पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का समाधान सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं में जांच और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से न्याय दिलाया जा सकता है, लेकिन पारिवारिक विवादों में पक्षों को सुलह के लिए साथ लाने के लिए सहानुभूति, धैर्य और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि फैमिली डिस्प्यूट रिज़ॉल्यूशन क्लिनिक एक सफल पहल है, क्योंकि यह कानून लागू करने वाली एजेंसियों, कानूनी विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों को एक मंच पर लाता है। यह पहल समाज को संदेश देती है कि समाधान केवल पुलिस हस्तक्षेप से नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ से भी संभव है।
महिलाओं और बच्चों के हितों की रक्षा पर जोर
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि पारिवारिक विवादों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। FDRC काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से परिवारों में सम्मान और शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल सभी के लिए संवेदनशील, समावेशी और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी को दर्शाती है।
शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना जरूरी: पी.के. गुप्ता
शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री पी.के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक सामाजिक चुनौतियों के समाधान में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि फैमिली डिस्प्यूट रिज़ॉल्यूशन क्लिनिक के साथ विश्वविद्यालय का सहयोग ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो संवाद, सहानुभूति और सुलह को महत्व देते हों।
उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट के साथ मिलकर शारदा यूनिवर्सिटी को मज़बूत परिवारों और मज़बूत राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने पर गर्व है।
पुलिस अधिकारियों और काउंसलरों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान क्लिनिक की सफलता में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों, काउंसलरों और कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता, डीसीपी सुनीति, स्कूल ऑफ लॉ के डीन डॉ. ऋषिकेश दवे, डीन अकादमिक डॉ. आर.सी. सिंह, एडमिशन डायरेक्टर डॉ. राजीव गुप्ता, डायरेक्टर पीआर डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अक्सा फातिमा, डॉ. उर्मिला, डॉ. तरुण कौशिक, डॉ. संचिता, डॉ. वर्णिका, डॉ. ऋतु सहित फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और छात्र उपस्थित रहे।

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