ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता भारत शर्मा: आईआईपीपीटी कॉलेज में “आराध्या एक अहसास फाउंडेशन” के तत्वावधान में “नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026” विषय पर एक गरिमामय, प्रेरणादायक एवं वैचारिक रूप से समृद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, सामाजिक चेतना का विस्तार करना तथा नारी सम्मान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नारी को सृष्टि की आधारशिला, सृजन-शक्ति एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में “शक्ति-स्वरूपा” और “मातृ-तत्त्व” के रूप में स्थापित करने वाले विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने नारी के बहुआयामी योगदान और समाज में उसकी अहम भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर कवि एवं साहित्यकार भगवत प्रसाद शर्मा ने अपनी ओजस्वी और भावपूर्ण काव्य प्रस्तुति से समूचे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से नारी की महत्ता, त्याग, करुणा, शक्ति और सृजनशीलता का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत किया। उनकी पंक्तियाँ “मातृशक्ति की सामर्थ्य को नमन…” से शुरू होकर “सृष्टि की जननी तुमको अभिनन्दन बारम्बार मेरा” तक पहुंचीं, जिस पर पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।अपने संबोधन में भगवत प्रसाद शर्मा ने कहा कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता नारी सशक्तिकरण के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर आईआईपीपीटी कॉलेज के चेयरमैन संजय सुदान एवं डायरेक्टर डॉ. जितेश खत्री ने भगवत प्रसाद शर्मा की साहित्यिक साधना और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सृष्टि चौधरी, पृथ्वी मैम, मनीष गुप्ता और कुलदीप शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रोता उपस्थित रहे।
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