वृन्दावन/ मथुरा बी पी सूर्यवंशी:पिछले दिनों मथुरा में तहसील नौहझील के पिथोरा में भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला-स्थली वृन्दावन की दिव्य धरा पर आस्था का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारत में पहली बार एक ही स्थान पर भगवान भोलेनाथ के सभी बारह ज्योतिर्लिंगों की स्थापना एवं विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कर “द्वादश धाम पिथोरा” का शुभारंभ किया गया। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक एवं भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और सम्पूर्ण क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग देश के विभिन्न भागों में स्थित हैं—जिनमें प्रमुख हैं सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, केदारनाथ आदि। देश के अनेक श्रद्धालु आर्थिक, भौगोलिक या स्वास्थ्य कारणों से इन सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन नहीं कर पाते थे। अब “द्वादश धाम पिथोरा” में एक ही स्थान पर सभी बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन संभव हो सकेंगे। यह धाम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन एवं सीमित संसाधनों वाले भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा इस भव्य धाम की परिकल्पना एवं स्थापना के पीछे प्रवीण पांडेय का अथक परिश्रम और आध्यात्मिक समर्पण निहित है। समाजसेवी डॉ. अनिल पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “इस धाम में प्रवीण पांडेय की आत्मा बसती है। उनका यह प्रयास केवल एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को एक सूत्र में पिरोने का दिव्य संकल्प है।”
डॉ. पाल ने आगे कहा कि यह धाम युगों-युगों तक श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहेगा तथा देश के विशेष वर्ग के लोग यहाँ आकर भगवान भोलेनाथ के सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इस पुण्य कार्य को सफल बनाने में अनेक विशिष्ट व्यक्तियों का सराहनीय सहयोग रहा, जिनमें प्रमुख हैं —
प्रवीण शर्मा, डॉ. अनुपमा शर्मा, आचार्य महेंद्र उपाध्याय, कैप्टन लालचंद पाल, शिवराज शर्मा, जय प्रकाश गौतम, परमिंदर चौहान, मयंक मनराल, सोनू शुक्ला, रामरतन पांचाल, वीरपाल फौजी, ओमवीर ठैनुआ एवं छोटे उमंग कुमार। सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से यह दिव्य धाम आज साकार रूप में देश के समक्ष प्रस्तुत हुआ है इस ऐतिहासिक अवसर पर राजेश चौधरी (विधायक, मांट) एवं उनकी धर्मपत्नी सुमन चौधरी (ब्लॉक प्रमुख, नौहझील) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। विधायक राजेश चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि “द्वादश धाम पिथोरा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था की अद्वितीय पहचान है। वृन्दावन की भूमि पर ऐसा धाम स्थापित होना सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। धाम के विकास एवं क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। वहीं ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी ने इसे क्षेत्र की आध्यात्मिक उन्नति का स्वर्णिम अध्याय बताया।इस पावन एवं ऐतिहासिक धाम के मुख्य संरक्षक के रूप में श्रद्धेय सत्यनारायण गोयल जी का मार्गदर्शन एवं संरक्षण विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। धर्म, समाजसेवा और सनातन मूल्यों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा ने “द्वादश धाम पिथोरा” की संकल्पना को सशक्त आधार प्रदान किया।
गोयल के संरक्षण, प्रेरणा और निरंतर सहयोग से यह दिव्य कार्य पूर्णता को प्राप्त हुआ। उनका मानना है कि यह धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा और समाज को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निस्संदेह, “द्वादश धाम पिथोरा” युगों-युगों तक आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ बनकर देश और विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
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