ग्रेटर नोएडा फेस वार्ता, 23 फरवरी: शारदा विश्वविद्यालय में इंडियन सोसाइटी ऑफ साइकियाट्रिक नर्सेज (ISPN) का 4वां अंतरराष्ट्रीय एवं 25वां वार्षिक सम्मेलन भव्य रूप से शुरू हो गया है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 23 से 25 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य और मनोचिकित्सा नर्सिंग के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा कर रहे हैं।
सम्मेलन का मुख्य विषय “सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य – नर्सों को सशक्त बनाना” रखा गया है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य नर्सों को इस प्रकार प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है कि वे आपदा, महामारी और अन्य आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से लोगों को मानसिक सहारा प्रदान कर सकें।
कार्यक्रम में निमहांस, एम्स और आईएचबीएएस जैसे देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हो रहे। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. राधाकृष्णन (निमहांस, बेंगलुरु), डॉ. राजेश सागर (एम्स), डॉ. सुजाता सतपथी (एम्स), डॉ. संध्या गुप्ता (एनएचआरसी, भारत सरकार), कर्नल केका चटर्जी (मिलिट्री नर्सिंग सर्विस) और डॉ. जी. बालामुरुगन (टेली मानस, निमहांस) शामिल हैं।
यह सम्मेलन डिजिटल मेंटल हेल्थ मिशन के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और तकनीकी माध्यमों से पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। सम्मेलन विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नर्सिंग प्रोफेशनल्स के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान कर रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता ने कहा कि आपदा और आपातकाल के समय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती हैं। मानसिक स्वास्थ्य नर्सें ऐसे समय में लोगों को भावनात्मक सहारा देने के साथ उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वहीं ISPN के संरक्षक एवं इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. टी. दिलीप कुमार ने कहा कि ISPNC 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक सशक्त पहल है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को आपदा प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बनाना और नर्सों को हर चुनौती के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में नर्सिंग स्कूल के डीन प्रो. राजा, डॉ. किरण, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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