ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता:,
लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित लॉयड इन्क्यूबेशन (LTBIF) ने नवाचार, स्टार्टअप विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मात्र एक वर्ष में 56 से अधिक स्टार्टअप्स को पंजीकृत एवं इन्क्यूबेट किया है। यह उपलब्धि क्षेत्र के तेजी से उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम में लॉयड इन्क्यूबेशन की सशक्त भूमिका को दर्शाती है।वर्ष 2023 में धारा-8 कंपनी के रूप में स्थापित लॉयड इन्क्यूबेशन को वर्ष 2024 में एमएसएमई द्वारा अनुमोदित इन्क्यूबेशन सेंटर तथा वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर का दर्जा प्राप्त हुआ। 20 अप्रैल 2025 को अपने पहले स्टार्टअप के इन्क्यूबेशन से शुरू हुई यह यात्रा आज 56 से अधिक स्टार्टअप्स तक पहुंच चुकी है।
विशेष बात यह है कि इन स्टार्टअप्स में अधिकांश आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थ-टेक, एग्री-टेक, एड-टेक, डिजिटल समाधान एवं अन्य प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स न केवल नए व्यावसायिक अवसर सृजित कर रहे हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान भी विकसित कर रहे हैं। इस प्रकार लॉयड इन्क्यूबेशन नवाचार को सामाजिक प्रभाव से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी, ग्रुप डायरेक्टर, लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने कहा कि लॉयड ग्रुप का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज और उद्योग की वास्तविक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि लॉयड इन्क्यूबेशन इसी दीर्घकालिक दृष्टि का विस्तार है और भारत का भविष्य नवाचार, उद्यमिता तथा युवाओं की समस्या-समाधान क्षमता से निर्मित होगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, जहां एक विचार केवल विचार बनकर न रह जाए, बल्कि सही मार्गदर्शन, अनुभवी मेंटर्स, उद्योग सहयोग और आवश्यक संसाधनों के माध्यम से सफल उद्यम का रूप ले सके। लॉयड इन्क्यूबेशन न केवल संस्थान के विद्यार्थियों बल्कि देशभर के युवा उद्यमियों को भी अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
डॉ. एस. पी. द्विवेदी, डीन अनुसंधान एवं विकास (R&D), एलआईईटी एवं लॉयड इन्क्यूबेशन के मेंटर ने बताया कि लॉयड इन्क्यूबेशन को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत ₹2.5 करोड़ की अनुदान राशि प्राप्त हुई है, जिसके माध्यम से स्टार्टअप्स के लिए एक अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन विंग विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त संस्थान को एमएसएमई हैकाथॉन के तहत ₹40 लाख तथा विभिन्न स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत ₹37.5 लाख की अतिरिक्त स्वीकृतियां भी प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने कहा कि इन संसाधनों के माध्यम से युवा उद्यमियों को व्यवसाय विकास, तकनीकी सहायता, निवेशकों तक पहुंच और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर डॉ. रिपुदमन गौर, डीन, लॉयड बिजनेस स्कूल ने कहा कि भारत के युवाओं में नवाचार की अपार क्षमता है और आवश्यकता केवल ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र की है, जो विचारों को अवसरों में तथा अवसरों को सफल उद्यमों में बदल सके। उन्होंने कहा कि लॉयड इन्क्यूबेशन शिक्षा, उद्योग और उद्यमिता के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण कर रहा है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि लॉयड इन्क्यूबेशन केवल स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन सुविधाएं प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए उद्योग-अकादमिक सहयोग का प्रभावी मंच भी बन चुका है। इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स द्वारा प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और फार्मेसी के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, उद्योग अनुभव एवं मेंटरशिप के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों को समझने, नवाचार आधारित सोच विकसित करने तथा उद्यमशीलता कौशल अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।
लॉयड इन्क्यूबेशन का उद्देश्य ऐसे नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों और भावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है, जो वैश्विक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत कर सकें तथा विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।
मात्र एक वर्ष में 56 से अधिक स्टार्टअप्स का इन्क्यूबेशन इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मजबूत नीतिगत समर्थन और प्रभावी इकोसिस्टम के माध्यम से नवाचार को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन की शक्ति में बदला जा सकता है। आने वाले वर्षों में लॉयड इन्क्यूबेशन क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
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