ग्रेटर नोएडा/दादरी फेस वार्ता: क्षेत्र में स्थित ईस्टर्न फेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के बील अकबरपुर टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों और प्रबंधन के कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के नेतृत्व में किसानों की विशाल महापंचायत आयोजित की गई। इस पंचायत में किसान शामिल हुए और अपनी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया।
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर ईस्टर्न फेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया था। उस समय किसानों को पुनर्वास सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक किसानों को प्रति परिवार मिलने वाली 5 लाख रुपये की पुनर्वास राशि और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं।
उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे आक्रोशित होकर किसानों ने बील अकबरपुर टोल प्लाजा पर महापंचायत आयोजित की।
पंचायत के दौरान बलराज भाटी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए समस्याओं के समाधान के लिए आधे घंटे का समय दिया और ऐलान किया कि यदि समाधान नहीं हुआ तो ईस्टर्न फेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के सभी टोल प्लाजा फ्री कर दिए जाएंगे। इसके बाद एक्सप्रेस-वे के महाप्रबंधक और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।
संगठन की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक रेखा सिवाल ने कहा कि एक्सप्रेस-वे किसानों की जमीन पर बना है, ऐसे में स्थानीय किसानों से टोल वसूली करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसानों को पहचान पत्र के आधार पर टोल फ्री किया जाए।उत्तर प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव ने बताया कि प्रशासन और टोल प्रबंधन ने समस्याओं के समाधान के लिए तीन दिन का समय मांगा है। इस अवधि में राष्ट्रीय कैंप कार्यालय पर वार्ता की जाएगी। यदि वार्ता विफल रहती है, तो बील अकबरपुर टोल प्लाजा पर किसानों का अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा और समाधान होने तक सभी टोल फ्री कर दिए जाएंगे।इस महापंचायत में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट ठाकुर विजय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, यूथ राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार नागर, राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी सहित विभिन्न जिलों और प्रदेशों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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