बाराही मेला–2026:
ग्रेटर नोएडा/सूरजपुर/ फेस वार्ता: सूरजपुर में आयोजित ऐतिहासिक बाराही मेला–2026 इस वर्ष साहित्य, संस्कृति और लोकपरंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। मेले के विविध आयोजनों के बीच सबसे प्रभावशाली क्षण वह रहा, जब सुप्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार भगवत प्रसाद शर्मा ने अपनी ओजस्वी काव्यधारा से पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
सायंकालीन काव्य-संध्या के दौरान जैसे ही उन्होंने अपने सशक्त स्वर में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, पूरा पंडाल देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा। उनकी चर्चित पंक्तियाँ
“मस्तक तिलक लगाऊँ अपने माटी हिन्दुस्तान की,
पुण्य धरा ये पावन भूमि वीरों के बलिदान की…”
ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और आत्मगौरव का संदेश दिया।
कवि भगवत प्रसाद शर्मा की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट कर दिया कि सशक्त काव्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जनचेतना को जागृत करने का प्रभावी माध्यम भी है। उनके काव्य में वीर रस की प्रखरता के साथ-साथ मातृभूमि के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।
उनकी काव्यशैली में ओज, संवेदना और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ सीधे श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करती हैं और उन्हें राष्ट्रप्रेम के लिए प्रेरित करती हैं।
विशेष टिप्पणी:
समकालीन हिन्दी काव्य-जगत में भगवत प्रसाद शर्मा एक सशक्त हस्ताक्षर के रूप में स्थापित हैं। उनकी लेखनी राष्ट्रभाव की वाहक और जनमानस को प्रेरित करने वाली है। उनकी कविताएँ केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता का संचार करती हैं।
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