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कैलाश इंस्टीट्यूट में ‘किलकारी’ डे-केयर सेंटर की शुरुआत, कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगी सुरक्षित देखभाल

कामकाजी अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत, कर्मचारी कल्याण और पारिवारिक खुशहाली की दिशा में संस्थान की सराहनीय पहल
ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता। कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने एक सराहनीय पहल की है। संस्थान की ओर से फैकल्टी एवं स्टाफ के बच्चों की देखभाल के लिए ‘किलकारी’ (KILKARI) डे-केयर सेंटर की शुरुआत की गई है। इस सुविधा से संस्थान में कार्यरत कामकाजी अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने बच्चों की देखभाल की चिंता से मुक्त होकर अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
‘किलकारी’ डे-केयर सेंटर शुरू करने का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को ऐसा सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सकें। यह पहल विशेष रूप से उन अभिभावकों के लिए उपयोगी साबित होगी, जिन्हें नौकरी के साथ छोटे बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।
इस अवसर पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती संतोष गोयल ने कहा कि बच्चे समाज का उज्ज्वल भविष्य हैं और उनकी देखभाल एवं खुशहाली हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘किलकारी’ केवल एक डे-केयर सेंटर नहीं, बल्कि संस्थान से जुड़े परिवारों के प्रति स्नेह, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गोयल ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक प्रगति उसके कर्मचारियों की संतुष्टि और खुशहाली से जुड़ी होती है। संस्थान का प्रयास है कि कर्मचारियों को ऐसा सहयोगात्मक माहौल मिले, जिसमें वे बिना किसी अतिरिक्त पारिवारिक चिंता के अपनी कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें। ‘किलकारी’ इसी सकारात्मक सोच का परिणाम है।
वहीं, एकेडमिक डायरेक्टर श्रीमती बिंदिया गोयल ने कहा कि परिवार और कार्यस्थल के बीच संतुलन बनाना कामकाजी अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती है। ‘किलकारी’ की शुरुआत इस चुनौती को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की खुशहाली का भी ध्यान रखना है।
कैलाश इंस्टीट्यूट की यह पहल कर्मचारी-हितैषी कार्यसंस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है। ‘किलकारी’ के माध्यम से संस्थान ने यह संदेश दिया है कि एक बेहतर कार्यस्थल वही है, जहां कर्मचारियों की व्यावसायिक प्रगति के साथ उनके परिवारों की खुशियों और जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

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