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नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (फार्मेसी इंस्टीट्यूट) एकेटीयू प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता: “फार्मास्यूटिकल रिसर्च और हेल्थकेयर प्रैक्टिस में एआई की उभरती भूमिकाएँ: चुनौतियाँ” द्वितीय दिवस
सम्मेलन के दूसरे दिन नोएडा स्थित एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट में तकनीकी सत्रों और शैक्षणिक चर्चाओं का जीवंत आयोजन हुआ। डॉ. अभिजीत देबनाथ और सुश्री अर्चना सिंह ने संयोजन करते हुए पूरे दिन की कार्यवाही को सुचारु और रोचक बनाए रखा। अंतरराष्ट्रीय वक्ता डॉ. मुहम्मद काशिफ इक़बाल ने एआई आधारित डेटा विश्लेषण और रेगुलेटरी अनुपालन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने डेटा क्लीनिंग, प्रोसेस क्वालिटी और एआई-सहायता प्राप्त विसंगति पहचान की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रश्नोत्तर सत्र में स्पष्ट किया गया कि एआई प्रक्रिया को तेज़ करता है, परंतु रेगुलेटरी मानकों हेतु विशेषज्ञ समीक्षा अनिवार्य है। डॉ. एम.डी. इम्तियाज़ हसन ने इनसिलिको टूल्स, वर्चुअल स्क्रीनिंग और फार्माकोफोर आधारित डिज़ाइन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एआई टूल्स संभावित यौगिकों को प्राथमिकता देने में सहायक हैं, लेकिन प्रयोगशाला परीक्षणों का स्थान नहीं ले सकते। इस प्रकार एआई और प्रयोगात्मक सत्यापन का संयोजन ही वैज्ञानिक कठोरता और दक्षता सुनिश्चित करता है। फ्रांस से आए डॉ. थॉमस डाल ने डिज़ाइन थिंकिंग और रचनात्मकता पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि संरचित रचनात्मक प्रक्रियाएँ फार्मास्यूटिकल अनुसंधान में भी लागू की जा सकती हैं। उन्होंने छात्रों और संकाय को सहानुभूति-आधारित और पुनरावृत्त दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
दूसरे दिन की कार्यवाही उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ संपन्न हुई, जिसने एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट की वैश्विक दृष्टिकोण और अनुसंधान उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

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