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फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने हाई-रिस्क इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी से बचाई 57 वर्षीय मरीज की जान, हार्ट फंक्शन 10% से बढ़कर 45% हुआ।

ग्रेटर नोएडा, फेस वार्ता 29 जुलाई। फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए गंभीर कार्डियोजेनिक शॉक से जूझ रहे 57 वर्षीय मरीज की जान सफलतापूर्वक बचाई। मरीज का हार्ट फंक्शन (इजेक्शन फ्रैक्शन) महज 10–15 प्रतिशत रह गया था, लेकिन हाई-रिस्क इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी और अत्याधुनिक इम्पेला (Impella) हार्ट-असिस्ट डिवाइस की मदद से चिकित्सकों ने उन्हें नया जीवन दिया। उपचार के बाद मरीज का हार्ट फंक्शन बढ़कर 45 प्रतिशत तक पहुंच गया।
अस्पताल के अनुसार, मरीज पिछले 24 घंटे से सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और लगातार बढ़े हुए रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे थे। जांच के दौरान हृदय की प्रमुख धमनियों में गंभीर रुकावट मिली और उनकी स्थिति इतनी नाजुक थी कि किसी भी समय कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा था।
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शांतनु सिंघल एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने सबसे पहले इम्पेला हार्ट-असिस्ट डिवाइस की सहायता से मरीज की हृदय कार्यक्षमता को अस्थायी रूप से स्थिर किया। इसके बाद हाई-रिस्क इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी कर अवरुद्ध धमनियों को सफलतापूर्वक खोला गया।
सफल प्रक्रिया के बाद मरीज को दो दिनों तक आईसीयू में विशेषज्ञ निगरानी में रखा गया। उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अगले ही दिन उन्हें वेंटिलेटर तथा हार्ट-असिस्ट पंप से हटा दिया गया। एक सप्ताह के भीतर मरीज का हार्ट फंक्शन 10 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत और बाद में 45 प्रतिशत तक पहुंच गया। वर्तमान में मरीज स्वस्थ हैं, नियमित फॉलो-अप पर हैं और जल्द ही सामान्य जीवन एवं अपने पेशेवर कार्यों में लौट सकेंगे।
डॉ. शांतनु सिंघल ने बताया कि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी, लेकिन समय पर सही चिकित्सकीय निर्णय, आधुनिक इम्पेला तकनीक और हाई-रिस्क एंजियोप्लास्टी की बदौलत उनकी जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि जटिल हृदय रोगों के उपचार में आधुनिक तकनीक और अनुभवी मेडिकल टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. ज्ञान शर्मा ने कहा कि यह सफलता अस्पताल की अनुभवी कार्डियक टीम की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि गंभीर से गंभीर हृदय रोगियों का भी समय पर उपचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफल इलाज संभव है।

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