ग्रेटर नोएडा / फेस वार्ता: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 स्थित ग्रेनो प्लाजा में संचालित एक अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दुकान संचालक अजब सिंह नागर ने जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को प्रार्थना पत्र देकर सेक्टर की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों पर गैर-कानूनी तरीके से परेशान करने और दुकान संचालन में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगते हुए लिखित रूप से शिकायत की है।
प्रार्थी अजब सिंह नागर, जो सुपरटेक सीजार ओमीकान-1 के निवासी एवं व्यवसायी हैं, का कहना है कि उन्होंने आबकारी विभाग के सभी निर्धारित मानकों का पालन करते हुए 18 मार्च 2026 को वैध लाइसेंस प्राप्त कर उक्त स्थान पर रिटेल शराब दुकान का संचालन शुरू किया। उनका दावा है कि दुकान के लिए आवश्यक सभी दूरी मानकों, नियमों और राजस्व जमा करने की प्रक्रिया को विधिवत पूरा किया गया है।
शिकायत के अनुसार, सेक्टर-36 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष डॉ. अजय भाटी एवं उनके साथ 8-10 लोगों द्वारा दुकान पर आकर लगातार संचालन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। प्रार्थी का आरोप है कि यह अवरोध गैर-कानूनी है और कथित रूप से निजी स्वार्थों की पूर्ति के उद्देश्य से किया जा रहा है।
नागर का यह भी कहना है कि उक्त मार्केट पूर्णतः व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विकसित है और आसपास किसी स्कूल या मंदिर की निकटता भी मानकों के विरुद्ध नहीं है।
सेक्टर के गेट नंबर-1 का बंद होना भी है। शिकायत में कहा गया है कि गेट बंद होने से आम रास्ता बाधित हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को आवाजाही में कठिनाई हो रही है। प्रार्थी के अनुसार, इस संबंध में सेक्टरवासियों द्वारा भी कई बार अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए
अजब सिंह नागर ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा थाना बीटा-2 को निर्देशित कर गेट नंबर-1 को खुलवाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
प्रशासनिक स्तर पर पहले भी दी गई शिकायतें
प्रार्थी के अनुसार, इस मामले को लेकर जिलाधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और स्थानीय पुलिस चौकी ऐच्छर को पूर्व में भी लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस संबंध में सेक्टर-36 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष डॉ. अजय भाटी का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि सेक्टर का गेट सेक्टर वासियों की सहमति से बंद किया गया है तथा जिला अधिकारी एवं आबकारी विभाग से भी इस बात को लेकर
कानूनी प्रीत किया को लेकर वार्ता की गई है
तथा इस विषय पर विधायक से भी वार्ता की जाएगी
यह मामला एक ओर जहां वैध लाइसेंस प्राप्त व्यवसाय के संचालन के अधिकार से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों की भावनाओं और क्षेत्रीय नियंत्रण के मुद्दों को भी उजागर करता है। ऐसे मामलों में प्रशासन के लिए कानून, व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है।
अब देखना होगा ?
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या रुख अपनाता है—क्या व्यापारी को राहत मिलती है या स्थानीय स्तर पर कोई समाधान निकालकर विवाद को शांत किया जाता है। फिलहाल, सेक्टर-36 का यह विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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