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मनरेगा बचाओ संग्राम: जी-राम-जी के नाम पर मनरेगा से छेड़छाड़ के विरोध में जिला कांग्रेस का एक दिवसीय अनशन।

सुरजपुर/ फेस वार्ता: केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप में कथित बदलाव और उसे तथाकथित जी-राम-जी प्रणाली में परिवर्तित किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्धनगर ने जिला मुख्यालय सूरजपुर पर “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय अनशन कार्यक्रम आयोजित किया।
इस अनशन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ ग्रामीण मजदूरों और आम नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून के मूल चरित्र—रोजगार की कानूनी गारंटी, मांग आधारित कार्य व्यवस्था और मजदूरों के अधिकारों—को कमजोर किए जाने के प्रयासों का विरोध करना तथा मनरेगा को उसके मूल स्वरूप और नाम के साथ बहाल कराने के लिए संघर्ष का ऐलान करना रहा।
“नाम बदलने से गरीबी नहीं मिटती, अधिकार छीने जाते हैं” – दीपक भाटी छोटीवाला ने 
अनशन को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीब ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार देने वाला कानून है, जिसे कांग्रेस पार्टी ने लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर, नियमों में संशोधन कर और जी-राम-जी जैसी नई व्यवस्था के माध्यम से इस कानून की आत्मा को समाप्त करना चाहती है।
उन्होंने कहा,
“नाम बदलने से गरीबी नहीं मिटती, लेकिन मजदूरों के अधिकार जरूर छीने जाते हैं। जी-राम-जी के नाम पर रोजगार की कानूनी गारंटी खत्म करने का प्रयास कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।”
मनरेगा कानून का उल्लंघन: दीपक भाटी ने आरोप लगाया कि जी-राम-जी व्यवस्था के तहत कार्य की अनिवार्यता, मजदूरी भुगतान प्रणाली और मांग आधारित रोजगार व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है। यह सीधे तौर पर मनरेगा कानून का उल्लंघन है।
केंद्र सरकार से प्रमुख मांगें:अनशन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई कि—
जी-राम-जी व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाए
मनरेगा को उसके मूल नाम और स्वरूप में बहाल किया जाए, रोजगार की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए, मजदूरी भुगतान में हो रही देरी पर रोक लगाई जाए
मनरेगा बजट में की गई कटौती समाप्त की जाए
कार्यक्रम के समापन पर जिला प्रशासन के माध्यम से उपजिलाधिकारी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो मनरेगा बचाओ संग्राम को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा और गांव-गांव, पंचायत-पंचायत संघर्ष को तेज किया जाएगा।
मंच संचालन और प्रमुख उपस्थितजन
अनशन कार्यक्रम का मंच संचालन जिला संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रण सिंह प्रधान, दुष्यंत नागर, सूबेदार सतपाल सिंह, तीरथराम बाल्मीकि, संदीप नागर, हरेंद्र शर्मा, धर्मबीर सिंह, सीमा चौधरी, श्रुति कुमारी, नीरज लोहिया, कपिल भाटी, चरण सिंह, किशन शर्मा, निशा शर्मा, रिज़वान चौधरी, सतीश शर्मा, धर्म सिंह, अरुण गुर्जर, आर.के. प्रथम, डॉ. रतनपाल, बिन्नू भाटी, गजन प्रधान, अरविंद रेक्सवाल, सुबोध भट्ट, डॉ. रघुराज शर्मा, नरेश शर्मा, नीतीश चौधरी, गौरव नागर, प्रभात नागर, सचिन जैनवाल, रमेश यादव, धीरा सिंह, प्रिंस भाटी, रूबी चौहान, सचिन भाटी सहित जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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