ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता भारत भूषण शर्मा: आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के लिए जाना जाता है, गर्व के साथ घोषणा करता है कि भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा कॉलेज को एक महत्वपूर्ण पेटेंट प्रदान किया गया है।पेटेंट संख्या: 577503 आविष्कार का शीर्षक: “एआई आधारित सिस्टम टू एवेड स्ट्रे लाइवस्टॉक्स ऑन रोड्स एंड हाईवेज़”
यह पेटेंट 5 मार्च 2022 को दाखिल किया गया था और इसे 20 वर्षों की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है। यह उपलब्धि कॉलेज की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में बढ़ती पहचान और इसके वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान में योगदान को दर्शाती है।यह प्रणाली भारतीय सड़कों पर एक गंभीर सुरक्षा समस्या – आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं – को संबोधित करती है। उन्नत एआई तकनीक का उपयोग करके यह सिस्टम पशुओं का पता लगाता है और वाहनों को सुरक्षित रूप से बचने में मदद करता है। इससे अनगिनत जीवन बचाए जा सकते हैं और हाईवे पर वाहनों की क्षति को कम किया जा सकता है।
आविष्कारकगण: आगा असीम हुसैन
मंवेन्द्र यादव, डॉ. मयंक गर्ग, शाश्वत पांडेय सुश्री दिव्या वर्माअनुसंधान एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता यह पेटेंट आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज में विकसित मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। कॉलेज लगातार अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और मेंटरशिप कार्यक्रमों में निवेश करता है, जिससे छात्र और संकाय सदस्य केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रहकर वास्तविक, संरक्षित नवाचार की दिशा में आगे बढ़ते हैं।डॉ. मयंक गर्ग, निदेशक, आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा का वक्तव्य: “यह पेटेंट केवल एक प्रमाणपत्र नहीं है, बल्कि समाज के हित में नवाचार करने के हमारे मूल मिशन का प्रतिबिंब है। परिवहन सुरक्षा में ए आई को एकीकृत करके हमारी टीम ने दिखाया है कि अकादमिक अनुसंधान राष्ट्रीय चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान प्रदान कर सकता है। हम आई.टी.एस को बौद्धिक संपदा और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एक टिप्पणी भेजें