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कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा पुलिस के मुखबिर के माध्यम से मेरे विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है: बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज भाटी!

एलएलबी डिग्री को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर मनोज भाटी ने कहा कि यह विषय पूर्व में विश्वविद्यालय स्तर पर जांच के बाद पूर्णतः वैध घोषित किया जा चुका है।
ग्रेटर नोएडा/फेस वार्ता: गौतमबुद्धनगर जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एडवोकेट मनोज भाटी (बोडाकी) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को राजनीतिक द्वेष और साज़िश का परिणाम बताया।
मनोज भाटी ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा पुलिस के मुखबिर के माध्यम से उनके विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित शिकायतकर्ता पूर्व में भी कई लोगों के खिलाफ झूठी शिकायतें कर चुका है और इस तरह के मामलों में उसकी भूमिका संदिग्ध रही है।मनोज भाटी ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का हवाला देकर उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया है, उनमें उन्होंने केवल अधिवक्ता के रूप में अपने वादकारियों की ओर से पैरवी की थी। उन्होंने बताया कि शिकायत से जुड़े विषय पहले ही पुलिस स्तर पर जांच के बाद यह कहते हुए निस्तारित किए जा चुके थे कि मामला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का है और किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।इसके बावजूद वही शिकायत दोबारा बिना किसी तथ्यात्मक बदलाव के अन्य माध्यम से दर्ज कराई गई और बिना उनका पक्ष सुने 10 दिसंबर 2025 को मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया।प्रक्रियागत खामियों की ओर इशारा उन्होंने बताया कि दर्ज मुकदमे की प्रति नियमानुसार 24 घंटे के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए थी, लेकिन इसे काफी विलंब से दाखिल किया गया। जानकारी मिलने पर उन्होंने माननीय न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत प्रदान की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेजों की समीक्षा और रणनीति तय करने के लिए एक अलग समिति का गठन किया गया है, जो प्रकरण से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर नजर रखेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।
शैक्षणिक योग्यता और अधिवक्ता पंजीकरण पर स्थिति स्पष्ट एलएलबी डिग्री को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर मनोज भाटी ने कहा कि यह विषय पूर्व में विश्वविद्यालय स्तर पर जांच के बाद पूर्णतः वैध घोषित किया जा चुका है।भारतीय वायुसेना में सेवा के दौरान अध्ययन को लेकर उन्होंने बताया कि यह शिक्षा विभागीय अनुमति लेकर प्राप्त की गई थी और इससे सेवा कार्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई।
बार काउंसिल में पंजीकरण को लेकर की गई शिकायतों को भी उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित मामलों में सक्षम प्राधिकरण द्वारा उनके पक्ष में निर्णय दिया जा चुका है।
राजनीतिक दुर्भावना का आरोपअंत में मनोज भाटी ने कहा कि यह पूरा प्रकरण उनके खिलाफ राजनीतिक साज़िश और दुर्भावनापूर्ण प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं से परामर्श के साथ-साथ गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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