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आईटीएस डेंटल कॉलेज में डेंटल माइक्रोस्कोप एर्गोनॉमिक्स पर कार्यशालाविशेषज्ञों ने आधुनिक दंत चिकित्सा में माइक्रोस्कोप के वैज्ञानिक उपयोग और सही कार्य मुद्रा की दी जानकारी

ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता:आईटीएस डेंटल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, ग्रेटर नोएडा के पीरियोडोंटिक्स विभाग द्वारा आधुनिक दंत चिकित्सा में तकनीकी दक्षता और चिकित्सकीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘वर्कशॉप ऑन डेंटल माइक्रोस्कोप एर्गोनॉमिक्स’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों सहित करीब 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को अत्याधुनिक डेंटल माइक्रोस्कोप के तकनीकी उपयोग के साथ-साथ उसके सही एर्गोनॉमिक उपयोग के महत्व से परिचित कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक उपकरणों से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उनका वैज्ञानिक एवं सही कार्य मुद्रा के साथ उपयोग आवश्यक है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दंत चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के डॉ. कुणाल धिंगरा ने सर्जिकल माइक्रोस्कोप की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने माइक्रोस्कोप के माध्यम से उपचार के दौरान सूक्ष्म संरचनाओं को अधिक स्पष्टता से देखने, मरीज की उचित स्थिति निर्धारित करने तथा बेहतर कार्यकुशलता के लिए आवश्यक एर्गोनॉमिक दिशा-निर्देशों को समझाया।
डॉ. धिंगरा ने कहा कि उपचार के दौरान सही एर्गोनॉमिक कार्य मुद्रा अपनाने से चिकित्सकों को लंबे समय तक क्लिनिकल कार्य करने में होने वाले शारीरिक तनाव को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, माइक्रोस्कोप सूक्ष्म संरचनाओं की बेहतर दृश्यता प्रदान कर उपचार की सटीकता को बढ़ाने में सहायक है।
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने कहा कि आधुनिक दंत चिकित्सा में तकनीक आधारित प्रशिक्षण की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और चिकित्सकों को आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ उनके वैज्ञानिक एवं एर्गोनॉमिक उपयोग की जानकारी होना आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं क्लिनिकल दक्षता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वहीं, आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर पीरियोडोंटिक्स विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को आधुनिक दंत चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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