दादरी/ फेस वार्ता: वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, दादरी में शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ शिक्षिका मंजू शर्मा के सेवानिवृत्ति अवसर पर भावपूर्ण एवं गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, सहयोगियों एवं विद्यार्थियों ने उनके दीर्घकालिक योगदान को स्मरण करते हुए भावभीनी विदाई दी।
मंजू शर्मा को शिक्षा-जगत की प्रखर दीपशिखा और लोकसंस्कृति की सशक्त प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित किया गया। रागिनी परंपरा की अनुपम साधिका के रूप में उन्होंने न केवल लोकगायन की परंपरा को जीवंत बनाए रखा, बल्कि उसे नवाचार के साथ जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी किया। उनकी प्रस्तुत रागिनियाँ लोकजीवन की संवेदनाओं—वेदना, उल्लास, संघर्ष और चेतना—का सजीव प्रतिबिंब रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने अपने शिक्षण कार्य के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिक मूल्यों और जीवन-दृष्टि से भी समृद्ध किया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा एक साधना बनकर उभरी, जिसने अनेक विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा दी।
लोक-रंगमंच में भी उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही है। मंच के माध्यम से उन्होंने भारतीय लोकपरंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अभिनय और गायन की सहजता एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शकों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि मंजू शर्मा की साधना केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक है। शिक्षा और लोककला के समन्वय के माध्यम से उन्होंने समाज के समग्र विकास की दिशा में प्रेरक कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनके योगदान को नमन किया और हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम की जानकारी मीडिया एक्जीक्यूटिव भगवत प्रसाद शर्मा द्वारा दी गई।
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