ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता: Sharda University में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Mahavira की जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक Prashant Gupta एवं रजिस्ट्रार Dr. Vivek Gupta द्वारा भगवान महावीर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। आयोजन का उद्देश्य भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रार्थनाओं और विचार-विमर्श के माध्यम से विद्यार्थियों, फैकल्टी और कर्मचारियों को जैन धर्म के मूल मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय समुदाय की सहभागिता रही।
अपने संबोधन में Prashant Gupta ने कहा कि जो व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पित होता है, वही ‘महावीर’ बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने भगवान महावीर के जीवन को अनुशासन, तप, शांति और मानवता की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि महावीर के संदेश आज के विकसित भारत के निर्माण में अत्यंत प्रासंगिक हैं और सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।कार्यक्रम में डीन छात्र कल्याण विभाग डॉ. प्रमोद कुमार, Dr. Vivek Kumar Gupta, प्रियंका जैन, डॉ. रचना बंसल, डॉ. शांति, डॉ. रूचि जैन, डॉ. सुमन सहित विभिन्न विभागों के डीन, एचओडी, फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें सभी ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
एक टिप्पणी भेजें