ग्रेटर नोएडा/फेस वार्ता, 7 फरवरी: कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़ में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों को आधुनिक सिमुलेशन आधारित शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का संचालन EBEK से आईं विशेषज्ञ प्रशिक्षक सुश्री एकता मलिक ने किया। सत्र का विषय था – “From Scenario to Debrief: Simulation TOT for Faculty”।
कार्यक्रम की शुरुआत ओरिएंटेशन और प्री-टेस्ट से हुई, जिसमें प्रतिभागियों को सिमुलेशन आधारित शिक्षा के उद्देश्यों और प्रशिक्षण के अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में सिमुलेशन शिक्षा के मूल सिद्धांत, OSCE और डेमो के बीच अंतर, फिडेलिटी लेवल, लर्निंग थ्योरी, सिलेबस को सिमुलेशन उद्देश्यों में बदलने की प्रक्रिया और प्रभावी सीनारियो तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।इस दौरान एक लाइव सिमुलेशन डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को विद्यार्थियों के प्रबंधन, समय नियंत्रण और प्रशिक्षण के दौरान उत्पन्न स्थितियों को संभालने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। साथ ही Plus-Delta और Advocacy-Inquiry जैसी डिब्रीफिंग तकनीकों तथा रिफ्लेक्टिव प्रश्न पूछने की विधि पर भी विशेष सत्र आयोजित हुआ।
कार्यशाला में सीमित संसाधनों के बीच भी सिमुलेशन प्रशिक्षण लागू करने और सामान्य त्रुटियों से बचने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का समापन पोस्ट-टेस्ट, प्रतिभागियों के फीडबैक और वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ।संस्थान के प्रबंध निदेशक संदीप गोयल ने कहा कि सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण भविष्य की स्वास्थ्य शिक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता है, जिससे विद्यार्थियों की निर्णय क्षमता और रोगी सुरक्षा दोनों मजबूत होती हैं। वहीं शैक्षिक निदेशक बिंदिया गोयल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों का आत्मविश्वास बढ़ता है और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है।संस्थान प्रबंधन के अनुसार, यह कार्यशाला शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित
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