जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर द्वारा चलाये जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” के अंतर्गत पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान का कारवाँ आज दादरी विधानसभा क्षेत्र के आकलपुर गांव पहुँचा।
दादरी/फेस वार्ता: जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर द्वारा चलाये जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” के अंतर्गत पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान का कारवाँ आज दादरी विधानसभा क्षेत्र के आकलपुर गाँव पहुँचा। आज की बैठक के संयोजक जिला कांग्रेस महासचिव दयानन्द नागर रहे तथा अध्यक्षता चरण सिंह आर्य द्वारा की गयी व संचालन मुकेश शर्मा द्वारा किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर, किसान और बेरोजगार ग्रामीण युवाओं के लिए केवल एक योजना नहीं बल्कि जीवन रेखा है। भाजपा सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है ताकि गरीब अपने अधिकार की मांग न कर सके। काम के दिन घटाए जा रहे हैं, मजदूरी समय पर नहीं मिल रही है और अब योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा का नाम व स्वरूप बदलकर इसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है।दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि भाजपा सरकार को गरीबों की मेहनत से कोई सरोकार नहीं है। चुनाव के समय “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देने वाली सरकार सत्ता में आते ही गरीब विरोधी, मजदूर विरोधी और किसान विरोधी नीतियाँ लागू कर रही है। उन्होंने आगे कहा आज गाँव-गाँव में बेरोजगारी चरम पर है। खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। ऐसे में मनरेगा ही वह योजना है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी देती है, लेकिन भाजपा सरकार इसे "जी राम जी" जैसे नामों की आड़ में खत्म करने पर तुली हुई है। कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने स्पष्ट किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि गरीबों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी पंचायत से लेकर संसद तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बचाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की, बकाया मजदूरी का भुगतान तुरंत नहीं किया और काम के 100 दिन सुनिश्चित नहीं किए, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यक्रम संयोजक लिखा कांग्रेस महासचिव दयानन्द नागर ने कहा मनरेगा ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों के लिए सम्मानजनक रोजगार की गारंटी है। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही मनरेगा को कमजोर करने की नीति अपनाई है। आज स्थिति यह है कि न तो समय पर काम दिया जा रहा है और न ही मजदूरों को उनकी मेहनत की पूरी मजदूरी समय पर मिल रही है। यह सीधे-सीधे गरीबों के हक पर डाका है। पंचायत स्तर पर मनरेगा को जानबूझकर उलझाया जा रहा है ताकि ग्रामीण मजदूर हताश होकर इस योजना से दूर हो जाएँ।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने भी मनरेगा में आ रही समस्याओं काम न मिलना, भुगतान में देरी और भ्रष्टाचार को खुलकर रखा तथा कांग्रेस पार्टी के इस संघर्ष को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से चरण सिंह नेताजी जी, दयानंद नागर, मुकेश शर्मा,बिशंबर सिंह, अशोक पंडित, हरवीर सिंह, महाराज सिंह नागर, सोनू कुमार, धर्म सिंह जीनवाल, जयवीर नागर, विजय नागर, श्रीनिवास नागर, देवेश चौधरी, चंद्रपाल नागर, गजन सिंह प्रधान, तुरसैन पाल, सचिन जीनवाल, जमील खान, राममेहर, नीरज शर्मा, राजकुमार, ओमकार राणा, महकार सिंह,सचिन भाटी, राहुल, करण, महेंद्र, अजीपाल, ईश्वर, जगत सिंह, मांगेराम, तारा, पीयूष जाटव, मनीष सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता, मनरेगा लाभार्थी व जिला व ब्लॉक स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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