ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता:भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एवं भारत सरकार के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के संयुक्त तत्वावधान में 30 जून 2026 को गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन कार्यशाला आयोजित की जाएगी। GIMS इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सहयोगी एवं मेजबान संस्थान है। इस कार्यशाला में देशभर से नियामक संस्थाओं के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, मेडिकल डिवाइस निर्माता, चिकित्सक, शोधकर्ता, निवेशक एवं हेल्थकेयर स्टार्टअप्स भाग लेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) होंगे। कार्यक्रम में CDSCO, CII, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइसेज (EPCMD), यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) तथा GIMS के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर YEIDA मेडिकल डिवाइस पार्क पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस उद्योग के विकास की नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला जाएगा।
डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, GIMS के नेतृत्व में संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य नवाचार का अग्रणी केंद्र बनकर उभरा है। GIMS में उत्तर प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित मेडिकल इन्क्यूबेशन सेंटर – सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) संचालित है, जो वर्तमान में 50 से अधिक हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है।इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण GIMS की अत्याधुनिक क्लिनिकल ट्रायल फैसिलिटी का उद्घाटन होगा। GIMS पहले से ही ICMR Intent Centre के रूप में कार्यरत है तथा यहां जीनोम सीक्वेंसिंग सुविधा, वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (VRDL), BSL-2 एवं BSL-3 प्रयोगशालाएं, नेगेटिव प्रेशर लैब सहित आधुनिक अनुसंधान अवसंरचना उपलब्ध है।
GIMS का सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन स्टार्टअप्स को मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान तथा अन्य स्वास्थ्य तकनीकों के क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और अस्पताल की वास्तविक क्लिनिकल सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित हॉस्पिटल डेमो डे में GIMS इन्क्यूबेशन सेंटर के 15 चयनित स्टार्टअप्स अपनी तकनीकों एवं उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। यह मंच नियामकों, चिकित्सकों, निवेशकों, उद्योग जगत एवं अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग, क्लिनिकल वैलिडेशन और व्यावसायीकरण के नए अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, GIMS ने कहा, “GIMS का उद्देश्य ऐसा स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम विकसित करना है जहां अनुसंधान, नियमन, उद्यमिता और मरीजों की सेवा एक साथ मिलकर सुरक्षित, किफायती और वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य तकनीकों के विकास को गति दें। इस राष्ट्रीय कार्यशाला की मेजबानी हमारे इसी संकल्प को मजबूत करती है।”
एक टिप्पणी भेजें