गौतम बुद्धनगर/ फेस वार्ता: जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्धनगर द्वारा जनपद में लगातार चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान के क्रम में आज दादरी विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक वेदपुरा गांव में एक महत्वपूर्ण ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस ग्राम चौपाल में ग्रामीण जनता, मनरेगा श्रमिकों, किसानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को मनरेगा के संवैधानिक अधिकार, उसके मूल स्वरूप तथा केंद्र सरकार द्वारा इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की मंशा के प्रति जागरूक किया गया।
आज की ग्राम चौपाल के संयोजक जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य संदीप नागर रहे तथा ग्राम चौपाल की अध्यक्षता वयोवृद्ध कांग्रेसी हाकम सिंह द्वारा की गई। ग्राम चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष-महिलाओं, मजदूरों, किसानों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।ग्रामीणों ने मनरेगा के अंतर्गत कार्य न मिलने, मजदूरी भुगतान में महीनों की देरी, ऑनलाइन उपस्थिति जैसी जटिल प्रक्रियाओं और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की मनमानी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा भाजपा सरकार की राजनीति विकास की नहीं, बल्कि गरीबों के हक छीनने की राजनीति है। पहले सार्वजनिक उपक्रम बेचे गए, फिर किसानों को भूमि अधिग्रहण के नाम पर डराया गया, नोटबंदी से मजदूरों की कमर तोड़ी गई, जीएसटी ने छोटे कारोबारियों को बर्बाद किया और काले कृषि कानूनों से किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर किया गया। अब वही सरकार मनरेगा जैसी जीवन रेखा को कागजी योजना बनाकर खत्म करने पर तुली है। आज हालात यह है कि मजदूर काम मांगता है तो उसे काम नहीं मिलता, काम करता है तो मजदूरी समय पर नहीं मिलती। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है, ताकि गरीब हताश होकर चुप बैठ जाए। भाजपा सरकार चाहती है कि गांव का मजदूर शहरों में सस्ते श्रम के रूप में खप जाए और गांव उजड़ते चले जाएं।
आज की ग्राम चौपाल के संयोजक जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य संदीप नागर रहे तथा ग्राम चौपाल की अध्यक्षता वयोवृद्ध कांग्रेसी हाकम सिंह द्वारा की गई। ग्राम चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष-महिलाओं, मजदूरों, किसानों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।ग्रामीणों ने मनरेगा के अंतर्गत कार्य न मिलने, मजदूरी भुगतान में महीनों की देरी, ऑनलाइन उपस्थिति जैसी जटिल प्रक्रियाओं और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की मनमानी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा भाजपा सरकार की राजनीति विकास की नहीं, बल्कि गरीबों के हक छीनने की राजनीति है। पहले सार्वजनिक उपक्रम बेचे गए, फिर किसानों को भूमि अधिग्रहण के नाम पर डराया गया, नोटबंदी से मजदूरों की कमर तोड़ी गई, जीएसटी ने छोटे कारोबारियों को बर्बाद किया और काले कृषि कानूनों से किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर किया गया। अब वही सरकार मनरेगा जैसी जीवन रेखा को कागजी योजना बनाकर खत्म करने पर तुली है। आज हालात यह है कि मजदूर काम मांगता है तो उसे काम नहीं मिलता, काम करता है तो मजदूरी समय पर नहीं मिलती। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है, ताकि गरीब हताश होकर चुप बैठ जाए। भाजपा सरकार चाहती है कि गांव का मजदूर शहरों में सस्ते श्रम के रूप में खप जाए और गांव उजड़ते चले जाएं।
दीपक भाटी चोटीवाला ने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा को कानून बनाकर गरीब को अधिकार दिया था, भीख नहीं। इस अधिकार को कमजोर करना संविधान की आत्मा पर हमला है। जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर स्पष्ट चेतावनी देती है कि यदि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया गया, बकाया मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं हुआ और 100 दिन के रोजगार की गारंटी जमीन पर लागू नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। उन्होंने आह्वान किया कि गांव-गांव, पंचायत-पंचायत कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं, सच बताएं और मनरेगा बचाओ संग्राम को एक व्यापक जन-आंदोलन में बदलें।
कार्यक्रम संयोजक संदीप नागर ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब की आखिरी उम्मीद है। यह केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि भूख, बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ सुरक्षा कवच है। आज सरकार योजनाबद्ध तरीके से इसे निष्क्रिय बना रही है। मनरेगा बचाओ संग्राम के माध्यम से हम गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करेंगे और इस अन्याय के खिलाफ संगठित संघर्ष खड़ा करेंगेकार्यक्रम में हाकिम सिंह, संदीप नागर, रवी प्रधान, अरुण गुर्जर, महावीर बाबा, मुकेश शर्मा, रणजीत, निशा शर्मा, सतीश प्रधान, सूबेदार सतपाल सिंह, सुन्दर, बीनू भाटी, कपिल खारी, सतीश शर्मा, नवीन नेता जी, ओमवीर नागर, महाराज सिंह नागर, विनम्र, हेमचन्द नागर, बाबा धोलिया, धर्म सिंह जीनवाल, ओमप्रकाश, रमेश बघेल, ओमवीर प्रजापति, रमा नैयर, राहुल मावी, राहुल मावी, अरविंद रेक्सवाल,गौरव यादव, रमेश बाल्मीकि, सचिन जीनवाल, रमेश नागर, विपिन त्यागी, अमित कुमार, जगदीश नागर, फिरे सिंह, राजू नेता जी, गौरव नागर, सचिन भाटी, कल्लू नागर, नीरज शर्मा, धीरा सिंह, सतपाल नागर आदि ग्रामीण व कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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