ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता, 24 अक्टूबर 2026। लॉयड बिजनेस स्कूल के ई-सेल (E-Cell) द्वारा यंग बिजनेस लीडर्स 2026 – ए बिजनेस डिसीजन एंड लीडरशिप चैलेंज का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की केस स्टडी प्रतियोगिता में देशभर के विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों का विश्लेषण करने, रणनीतिक समाधान प्रस्तुत करने और अपनी नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता के लिए देशभर से 330 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 39 टीमों ने अपनी केस स्टडी प्रस्तुत की। प्रतिभागी संस्थानों में नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (मुंबई), आईआईएम कलकत्ता सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की टीमें शामिल रहीं।
प्रतियोगिता में नरसी मोंजी, मुंबई की टीम ने प्रथम स्थान, जीएल बजाज की टीम ने द्वितीय स्थान तथा शारदा यूनिवर्सिटी की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में स्टार्ट ग्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग पार्टनर सौरभ सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लगभग 24 वर्षों के विविध व्यावसायिक अनुभव से समृद्ध श्री सिन्हा ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं के लिए नेतृत्व की मजबूत नींव तैयार करने का उत्कृष्ट माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक सोच विकसित करने, व्यावसायिक समस्याओं को समझने और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर डॉ. वंदना अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक व्यावसायिक परिस्थितियों से जोड़ने और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि लॉयड का उद्देश्य विद्यार्थियों में रणनीतिक सोच, नवाचार, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप सक्षम, नवाचारी और जिम्मेदार बिजनेस लीडर्स के रूप में उभर सकें।
लॉयड बिजनेस स्कूल के डीन डॉ. रिपुदमन गौर ने नेतृत्व की वास्तविक परिभाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा, “नेता बनने के लिए किसी पद या पदनाम की आवश्यकता नहीं होती। नेतृत्व आपकी सोच, आपके कार्यों और समाज पर आपके प्रभाव से पहचाना जाता है।” उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और स्वामी विवेकानंद के उदाहरण देते हुए बताया कि वास्तविक नेतृत्व लोगों को दिशा देने, प्रेरित करने और सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता में निहित है।
प्रतियोगिता में प्रस्तुत केस स्टडी का मूल्यांकन विश्लेषण की व्यवहार्यता एवं गुणवत्ता, संचार की स्पष्टता, वित्तीय समझ तथा प्रस्तुतीकरण क्षमता जैसे महत्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. मुकेश तोमर, डॉ. मोनिका कदम और डॉ. सोलमाज़ हुसैन शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, व्यावसायिक दृष्टिकोण और समस्या-समाधान कौशल का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अरुण अरोड़ा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW), ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल, प्रतिभागी संस्थानों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों से जोड़ने तथा उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवाओं में उद्यमशीलता, रणनीतिक सोच, टीमवर्क और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता को प्रोत्साहित करती हैं।
लॉयड बिजनेस स्कूल का यह आयोजन युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने और भविष्य के व्यावसायिक नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
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