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भाकियू अराजनैतिक को बड़ा झटका! चार गांवों के किसानों ने संगठन से बनाई दूरी

ग्रेटर नोएडा/ फेस वार्ता: भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन को लेकर किसानों के एक समूह ने संगठन से अलग होने की घोषणा की है। मंगलवार को ऐंच्छर, मायचा, डाबरा और बिरोंडा गांव के किसानों ने सेक्टर अल्फा-1 स्थित प्रेस क्लब ऑफ भारत में प्रेसवार्ता कर यह ऐलान किया। किसानों ने संगठन की कार्यशैली और पिछले वर्षों में किसान मुद्दों को लेकर किए गए प्रयासों पर सवाल उठाए।
किसान नेता विजय भाटी मायचा ने कहा कि किसानों ने अपने स्तर पर खर्च कर गौतमबुद्ध नगर में बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकाला था। इसके अलावा किसानों की ओर से अपने खर्च पर चार से पांच पंचायतों का आयोजन भी किया गया, लेकिन उनके अनुसार संगठन की ओर से इन कार्यक्रमों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि किसानों ने संगठन पर भरोसा किया था, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं हुआ।
वहीं किसान नेता विक्रम भाटी ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के खिलाफ करीब सात महीने चले आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे आंदोलन के बावजूद किसानों की मांगों को लेकर अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। किसानों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान किसान मुद्दों पर हुई प्रगति को लेकर भी सवाल उठाए।
अब अपने मुद्दों की लड़ाई खुद लड़ेंगे किसान
प्रेसवार्ता में किसानों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे किसी अन्य किसान संगठन में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि अब वे अपने अधिकारों और स्थानीय मुद्दों की लड़ाई स्वयं लड़ेंगे तथा गांव स्तर पर किसानों को एकजुट कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
अनिल नागर ने बताया कि जल्द ही एक और प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें किसान नेताओं और विभिन्न किसान संगठनों की कार्यशैली को लेकर किसानों की ओर से अपनी बात सार्वजनिक की जाएगी। प्रेसवार्ता में विजय भाटी मायचा, डॉ. फकीरचंद पाल, विनोद भाटी, विक्रम भाटी, आशीष नागर, सुनील भाटी, ललित भाटी, अनिल नागर और यासीन खान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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